मेंहदावल। शहरी व ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ता बिजली कटौती को लेकर बेहद परेशान है। दिन में लगभग चार घंटे की आकस्मिक रोस्टिंग होने के कारण लोगों को बिजली आपूर्ति का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इसके साथ ही जगह-जगह ओवरलोडिंग व फाॅल्ट के कारण शेड्यूल की आधी बिजली मरम्मत के नाम पर काट दी जा रही है। इससे भीषण गर्मी व उमस में लोगों का जीना मुहाल हो गया है। इसको लेकर शहरी क्षेत्र के उपभोक्ताओं में काफी नाराजगी है।
एक पखवाड़े पहले मेंहदावल शहरी व ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ताओं को 16 से 18 घंटे की बिजली आपूर्ति हो रही थी। बारिश होने के बाद बिजली आपूर्ति की स्थिति खराब होने लग गई। आए दिन फाॅल्ट की समस्या सामने आने लगी, जिसके कारण जगह-जगह मरम्मत के नाम पर बिजली विभाग अंधाधुन कटौती करने लगा। पिछले एक सप्ताह से आकस्मिक रोस्टिंग के नाम पर लगभग चार घंटे की अतिरिक्त कटौती की जा रही है। जिसके कारण लोगों को शहरी क्षेत्र की बिजली आपूर्ति का लाभ नहीं मिल पा रहा है। वर्तमान में शहरी क्षेत्र के विद्युत उपभोक्ताओं को महज 10 से 12 घंटे की बिजली आपूर्ति ही मिल रही है, जबकि तहसील मुख्यालय पर शासन ने 22 घंटे बिजली आपूर्ति देने का निर्देश दे रखा है। वहीं ग्रामीण क्षेत्र को 18 घंटे विद्युत आपूर्ति की जाना है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे परे है। लोगों ने शहरी क्षेत्र में निर्बाध बिजली आपूर्ति उपलब्ध कराए जाने की मांग की है।
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शहरी व ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ताओं को शेड्यूल के अनुसार बिजली आपूर्ति उपलब्ध कराई जा रही है। तकनीकी खराबी आने पर ही बिजली आपूर्ति बाधित होती है। इसके साथ ही आकस्मिक रोस्टिंग होने पर बिजली आपूर्ति बाधित होती है। बिजली निगम लगातार बेहतर बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने को लेकर प्रयासरत है।
- पीके गुप्ता, अधिशासी अभियंता, मेंहदावल