संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। गांव में विकास कार्य संचालित करने के लिए कार्यरत ग्राम विकास अधिकारी व ग्राम पंचायत अधिकारियों को बार-बार चंदा देने पर मजबूर होना पड़ रहा है। जब भी क्षेत्र में किसी वीआईपी का आगमन होता है संबंधित अधिकारी उनके ही कंधे पर बोझ डाल देते हैं। जिससे कर्मचारियों को दिक्कत का सामना करना पड़ता है। चंदा वसूली से सचिवों में आक्रोश है।
ग्राम पंचायत अधिकारियों का कहना है कि जब भी क्षेत्र में किसी बड़े अधिकारी अथवा राजनीतिक व्यक्ति का आगमन होता है तो ब्लॉक मुख्यालय पर तैनात जिम्मेदार अधिकारी अपने मातहत कर्मचारियों को चंदा देने का हुक्म सुना देते हैं ऐसा नहीं है की जिम्मेदार अधिकारी सिर्फ अपने मन से फरमान सुनाते हैं। उन्हें भी ऐसा करने पर मजबूर होना पड़ता है। ब्लॉक से संबंधित अधिकारियों कर्मचारियों को इस बात का भय दिखाया जाता है कि अगर वीआईपी के आगमन पर उनका स्वागत ठीक ढंग से नहीं हुआ तो संबंधित के खिलाफ गाज गिर सकती है।
नाम न छापने की शर्त पर विकास खंड हैंसर बाजार मुख्यालय पर तैनात कई ग्राम विकास अधिकारी व ग्राम पंचायत अधिकारियों ने बताया कि उन्हें माह में कई बार चंदा देना पड़ता है। सचिवों का कहना है कि कभी बड़े अधिकारियों की आगमन पर तो कभी मंत्री के स्वागत के लिए उन्हें ही बलि का बकरा बनाया जाता है। बुधवार को भी हैंसर ब्लॉक के जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा एक वीआईपी के प्रस्तावित कार्यक्रम को देखते हुए ग्राम पंचायत अधिकारियों व ग्राम विकास अधिकारियों से चंदा की डिमांड की गई।
इस प्रकार का कोई मामला उनके संज्ञान में नहीं है।
- वीके मणि त्रिपाठी, बीडीओ, हैंसर बाजार