- महुली क्षेत्र के इटौवा गांव का मामला
- सूचना देने के बाद भी नहीं पहुंची वन विभाग की टीम
संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। महुली क्षेत्र के ग्राम पंचायत इटौवा में एक बंदर के हमले में तीन दिन के अंदर एक महिला समेत आठ लोग काटने से घायल हो गए। वहीं बंदर के धक्का देने से दस लोग गिरकर घायल हुए हैं। बुधवार को बंदर ने सेना के जवान समेत पांच लाेगों को काटकर घायल कर दिया। जिससे इटौवा और पिकौरा गांव में दहशत का माहौल है। घटना की सूचना ग्रामीणों द्वारा वन विभाग को देने की बात कही जा रही है। लेकिन समाचार लिखे जाने तक कोई वन कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा था।
महुली क्षेत्र के ग्राम पंचायत इटौवा में सोमवार से बुधवार तक उत्पाती बंदर ने मुन्नू गौतम, विश्वनाथ मिश्र, अनुप मिश्र, रामचरन गौड़, प्रमोद चौधरी के साथ छुट्टी पर घर आए सेना के जवान शिवम मिश्र को दौड़ कर काट लिए, जिसमें सब घायल हो गए है। घटना की सूचना पर ग्रामीण लाठी डंडा लेकर बंदर को दौड़ा लिए, लेकिन बंदर भगाने में सफल रहा। बुधवार की सुबह जब गांव के ही रविंद्र उपाध्याय, रामबरन व एक अज्ञात महिला गांव से बाहर सड़क पर जा रहे थे। बंदर उन्हें देखकर उन्हें भी दौड़ा कर काट लिया। उसके बाद झाड़ में जाकर छिप गया।
बंदर के हमले के कारण लोग बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। स्कूली बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। गांव में बंदर का आतंक व्याप्त है। घायल नाथनगर सीएचसी पर जाकर अपना इलाज करवा रहे है। ग्राम प्रधान अजय सिंह, सर्वेश सिंह, विश्वनाथ मिश्र आदि बताया कि बंदर जीना या घर के खुले दरवाजे के रास्ते घर में घुस जा रहा है। घर में महिलाओं व बच्चों पर हमला करने और खाने वाला सामान लेकर भाग जाता है। बंदर के हमले से गांव के कई लोग घायल हो गए हैं। इसकी सूचना वन विभाग के अधिकारियों को दी गई है। लेकिन अभी तक वह गांव में वन कर्मचारी नहीं पहुंचे। ग्राम प्रधान ने बताया कि बंदर पागल हो गया है। जिससे पूरे गांव में दहशत का माहौल है। प्रधान ने जिलाधिकारी को मामले की जानकारी दी है।