- आयुष्मान योजना के छह साल पूरे होने पर बच्चों को भी जोड़ा गया योजना से
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। आयुष्मान भारत योजना के छह साल पूरे होने पर अब नौनिहालों को भी योजना से जोड़ दिया गया है। अब नवजात से लेकर पांच साल तक के बच्चों का आयुष्मान योजना से पंजीकृत अस्पताल में इलाज हो सकेगा। केवल माता-पिता का आयुष्मान कार्ड होना चाहिए। दरअसल आयुष्मान योजना आधार कार्ड से जुड़ी हुई है। पांच साल के तक के बच्चों के आधार कार्ड बनने में दिक्कत होती है। ऐसे में वह पात्र होते हुए भी योजना का लाभ नहीं ले पाते थे। शासन ने इसे दूर कर दिया है।
पहले यह प्रावधान था कि जन्म के बाद शिशु के जन्म प्रमाणपत्र और माता-पिता के आयुष्मान कार्ड से नाम जोड़ने पर ही आयुष्मान कार्ड जेनरेट किया जाता था। इस प्रक्रिया में कभी-कभार देरी भी हो जाती थी। इसे देखते हुए शासन ने अब निर्देश दिया है कि माता या पिता में से किसी एक का भी आयुष्मान कार्ड बना है तो वह अपने शिशु का उपचार योजना से किसी भी पंजीकृत सरकारी और निजी अस्पताल में करा सकेंगे। इसके लिए उन्हें किसी तरह का भुगतान नहीं करना होगा।
इस संबंध में आयुष्मान भारत के जिला समन्वयक जन्मेजय सिंह ने बताया कि योजना के अंतर्गत पात्र परिवारों में ऐसे शिशु जिनकी आयु पांच साल तक है और उनका नाम पात्रता सूची में नहीं है। ऐसे शिशुओं को योजना के अंतर्गत लाभ प्रदान करने का प्रावधान बना है। बताया कि इस योजना के तहत बच्चों को पीडियाट्रिक डिजीज जैसे जन्म के समय फिजियोलॉजिकल पीलिया, निमोनिया, मेनिनजाइटिस, गैस्ट्रो एंटराइटिस, यूरिनरी टैक्ट इंफेक्शन आदि का इलाज किया जा सकेगा।