संतकबीरनगर। आजमगढ़ से पारस्परिक स्थानांतरित में आए शिक्षक के प्रमाण पत्रों की जांच के लिए जब बीएसए ने बुलाया तो शिक्षक फरार हो गया। दो बार रिमाइंडर भेजने के बाद भी शिक्षक नहीं आया। अब तीसरा रिमाइंडर भेज दिया गया है। इसके बाद शिक्षक पर बर्खास्तगी की कार्रवाई की तैयारी शुरू की जाएगी।
जून में शासन स्तर से परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों का पारस्परिक स्थानांतरण हुआ था। इसमें 22 जून को आजमगढ़ जिले से एक शिक्षक मुकेश कुमार आए और उनकी तैनाती पौली ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय पारसीर में की गई। इसके बाद वह कार्य करने लगे। इधर, महानिदेशक स्कूल शिक्षा को मुकेश कुमार के नाम पर मथुरा में भी एक शिक्षक कार्यरत मिले। इसको देखते हुए मुकेश कुमार की पत्रावली की जांच करने के लिए उन्होंने बीएसए को निर्देशित किया। 28 जुलाई को बीएसए जांच के लिए बीआरसी पौली पर पहुंचे और शिक्षक को प्रमाणपत्रों के साथ बुलाया था, लेकिन शिक्षक नहीं पहुंचा। इसके बाद बीएसए विद्यालय पहुंच गए, लेकिन उनके वहां पहुंचने से पहले शिक्षक फरार हो गया। इसके बाद बीएसए ने शिक्षक को दो बार उनके पते पर नोटिस जारी किया, लेकिन वह नहीं आए। बीएसए अमित कुमार सिंह ने बताया कि शिक्षक के प्रमाण पत्र सही है यह नहीं इसकी जांच की जानी है, लेकिन शिक्षक फरार है। एक ही नाम के दो व्यक्ति कार्यरत है। जिसमें मथुरा में तैनात शिक्षक के पत्रावलियों की जांच हो चुकी थी। उन्होंने बताया कि तीसरा रिमाइंडर भेजा जा रहा है। इसके बाद बर्खास्तगी की कार्रवाई की जाएगी।
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फल न बांटने को लेकर शिक्षक और अनुदेशक भिड़े, कार्रवाई की संस्तुति
संतकबीरनगर। बघौली ब्लॉक के कंपोजिट विद्यालय पचेठी में बच्चों को फल न मिलने को लेकर शिक्षक और अनुदेशक आपस में ही भिड़ गए। किसी ने इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया, जो चर्चा का विषय बन गया। मामले की सूचना जब बीईओ तक पहुंची तो उन्होंने जांच की। इसके बाद इंचार्ज प्रधानाध्यापक और अनुदेशक पर कार्रवाई की संस्तुति बीएसए से की है।
बीईओ बघौली निधि श्रीवास्तव ने बताया कि कंपोजिट विद्यालय पचेठी में चार दिन पूर्व बच्चों को फल नहीं बटा था। जिसके बाद अनुदेशक और इंचार्ज प्रधानाध्यापक आपस में ही तू-तू, मैं-मैं करने लगे, जिससे विद्यालय का पठन-पाठन प्रभावित हुआ। मामले की जांच और बच्चों से पूछताछ में दोनों दोषी पाए गए। इन दोनों पर बीएसए ने कार्रवाई की संस्तुति की है।