राज्य बजट के भुगतान में फिसड्डी साबित हुआ स्वास्थ्य महकमा
- प्रदेश की रैकिंग में जिले का 68वां स्थान
- जिले में 1,957 आशा कार्यकर्ता व 84 आशा संगिनी हैं कार्यरत
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। आशा व आशा संगिनी के राज्य स्तर से होने वाले भुगतान में स्वास्थ्य महकमा फेल साबित हुआ है। प्रदेश की रैकिंग में जिला 68वें स्थान पर है। यह स्थिति तब है जबकि शासन ने नवंबर तक का बजट काफी पहले ही उपलब्ध करा दिया था। इसके बाद भी विभाग भुगतान कराने पर ध्यान नहीं दे रहा है।
आशा कार्यकर्ता व आशा संगिनी को प्रदेश सरकार द्वारा प्रतिमाह 1,500 रुपये पारिश्रमिक भुगतान दिए जाने का प्रावधान है। इसके लिए शासन ने दो किश्तों में नवंबर माह तक के भुगतान के लिए बजट उपलब्ध कराया है। इसके साथ ही निर्देश दिए थे कि भुगतान कर रिपोर्ट शासन को उपलब्ध कराएं, लेकिन जिले में भुगतान की स्थिति काफी खराब है।
शासन द्वारा जारी रैकिंग में राज्य बजट से होने वाले भुगतान में जिले का स्थान 68 वां है। ब्लॉक की बात करें तो आठ ब्लॉक में आशा कार्यकर्ताओं का भुगतान अप्रैल माह से ही बकाया है।
जिले में 1,957 आशा कार्यकर्ता और 84 आशा संगिनी कार्य कर रही हैं। भुगतान न होने से इसके समक्ष आर्थिक तंगी की स्थिति उत्पन्न हो गई है। आशा कार्यकर्ता अनीता देवी, निर्मला, सुनीता देवी आदि ने बताया कि भुगतान न होने के कारण बच्चों की फीस भर पाना मुश्किल हो गया है।
कई बार शिकायत की गई, लेकिन कोई न कोई बहाना बनाकर भुगतान को लटकाया जा रहा है। इन लोगों ने कहा कि अब आंदोलन की रास्ता अख्तियार करना पड़ेगा।
इस संबंध में अपर सीएमओ डॉ. मोहन झा ने कहा कि जिला लेखा प्रबंधक के आकस्मिक निधन के कारण भुगतान में विलंब हुआ है। अब भुगतान की प्रक्रिया चल रही है। दो से तीन दिनों में भुगतान करा दिया जाएगा।