- कृष्ण जन्म पर झूमे श्रोता तो खूब बजी बधाइयां
संवाद न्यूज एजेंसी
रोसयाबाजार। धौरहरा स्थित श्री दुर्गा मंदिर परिसर में चल रहे श्रीमद्भागवत कथा में मंगलवार की रात कथा के दौरान रितिका नंद शास्त्री जी ने श्री कृष्ण जन्म की कथा सुना कर श्रोताओं को भाव विभोर कर दिया। इस दौरान भगवान श्री कृष्ण की बाल रुप की निकाली गई। अनुपम झांकी ने श्रोताओं को सम्मोहित किया।
कथा वाचक रितिका नंद शास्त्री ने कहा कि जब जब अधर्म पांव पसारने लगता है। तब तब धर्म की स्थापना के लिए स्वयं नारायण का अवतरण होता है। कंस ने अपने पिता महाराज उग्रसेन को जब जेल में डाल दिया तो जग हंसाई ना हो इसके लिए चचेरी बहन का विवाह धूमधाम से करने का मन बनाया। उसने अपनी चचेरी बहन देवकी का विवाह वासुदेव के साथ करना सुनिश्चित किया। विवाह करके बहन को विदा कर रहा था। इसी बीच आकाशवाणी में यह कहा गया कि कंस तुम्हारा वध देवकी का आठवां पुत्र करेगा। एक-एक करके देवकी की 6 संतानों को कंस ने मार दिया। जबकि सातवां पुत्र योग माया के सहयोग से संकर्षण कर माता रोहिणी के गर्भ में स्थापित कर दिया गया। जिससे शेषनाग के अवतार में बलराम का जन्म हुआ।
आठवें पुत्र के रूप में स्वयं नारायण ने भगवान श्री कृष्ण के रूप में जन्म लिया। जैसे ही कथा के दौरान भगवान का जन्म हुआ। उस दौरान दिव्य झांकी प्रस्तुत की गई। साथ ही श्रोताओं ने ढेर सारी बधाइयां दी और जोर-जोर से नंद घर आनंद भयो जय कन्हैया लाल की खूब गाया। इस मौके पर सत्यनारायण वर्मा, उदयराज अग्रहरी, चंदु यादव, शिवकुमार, दीपक, जितेंद्र गुप्ता, अशोक कुमार, नरसिंह प्रजापति, सुभाष अग्रहरी, रामजग यादव, संजय वर्मा, शैलेश कुमार आदि मौजूद रहे।