- देर रात तक चला जवाबी कव्वाली का दौर
संवाद न्यूज एजेंसी
मगहर। कबीर मगहर महोत्सव की दूसरी रात कानपुर से आए कव्वाल उजाला परवीन एंड पार्टी व राजस्थान प्रांत के अजमेर से आए कव्वाल लतीफ अजमेरी एंड पार्टी के बीच जवाबी कव्वाली का मुकाबला देर रात चला। कव्वाल लतीफ अजमेरी ने ‘भर दो झोली मेरी या मोहम्मद, लौट कर मैं न जाऊंगा खाली सुनाया’ सुनाया तो पूरा पांडाल झूम उठा। मुकाबला अंत में बराबरी पर छूटा।
कार्यक्रम की शुरुआत रिवायत के मुताबिक हम्दपाक सुनाकर कव्वाल लतीफ अजमेरी ने की। अब बारी थी कानपुर से आईं कव्वाल उजाला परवीन की। उन्होंने पहले ‘कोई मौसम हो मोहब्बत की हवा लेता है मेरा किरदार बुजुर्गों की दुआ लेता है’ और ‘भक्तों से मिलना चाहा तो फिर राम बन गया, कभी अहमद तो कभी घनश्याम बन गया’ सुनाकर महफिल में वाहवाही लूटी।
इसके अलावा हिन्दू-मुस्लिम एकता पर ‘नफरत मिटा के देखें, तुम कल्ब से यह कहना, हाथों से न छोड़ेंगे गीता हो या कुरआन’ सुना माहौल को देशभक्ति के रंग में रंग दिया। इसके बाद जवाबी कव्वाली का दौर शुरु हुआ। कव्वाल उजाला परवीन ने एक खूबसूरत गजल पढ़ी, जिसके बोल थे ‘बेकार में तू मेरे लिए बेकरार है, तू बेवफा सनम है तेरा झूठा प्यार है’ सुनाया तो श्रोताओं ने खूब तालियां बजाई।
परिसर में जवाबी कौव्वाली का दौर परवान चढ़ने लगा। कव्वाल लतीफ अजमेरी की जवाब में एक गजल सुनाई। जिसके बोल थे ‘हमको तुमसे प्यार हुआ है, चाहत का इजहार हुआ है, तुम जानो या हमजाने सुनाकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। ऐसे जवाबी कव्वाली का दौर देर रात तक चलता रहा। अंत में कव्वाली बराबरी पर समाप्त हुआ।
इस मौके पर डीएम महेंद्र सिंह तंवर, एसडीएम शैलेश दूबे, सीओ सदर ब्रजेश कुमार सिंह, तहसीलदार सदर, नायब तहसीलदार विजय गुप्त, अधिशासी अधिकारी वैभव सिंह, पूर्व चेयरमैन नूरुज्जमा अंसारी, अवधेश सिंह, सभासद मेंहदी हसन, बृजेश सिंह समेत अन्य मौजूद रहे।