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गड्ढों में तब्दील हुई सड़कें, राहगीरों की मुसीबत बढ़ी

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गड्ढों में तब्दील हुई सड़कें, राहगीरों की मुसीबत बढ़ी अमर उजाला पब्लिक काल - बाइक से सात किलोमीटर का सफर तय करने में लग जाता है आधा घंटा संवाद न्यूज एजेंसी हरिहरपुर । महुली-विश्वनाथपुर की सड़क गड्ढे में तब्दील हो गई है। इस सड़क पर चलना कितना मुश्किल है इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि बाइक से मात्र सात किलोमीटर का सफर तय करने में आधा घंटे का वक्त लग जाता है। यही हाल महुली से नाथनगर जाने वाली सड़क का भी है । इस सड़क पर भी चलना जोखिम भरा हुआ है । यह स्थिति तब है जब क्षेत्र के स्थानीय विधायक प्रदेश सरकार में राज्यमंत्री है। गड्ढामुक्त सड़कों के तमाम सरकारी दावों के बावजूद क्षेत्र की सड़कों के हालत में सुधार नहीं हैं । गड्ढे में तब्दील हो चुकी इन सड़कों पर राहगीरों का चलना मुश्किल है। आए दिन बाइक सवार और साइकिल सवार गड्ढे की वजह से गिरकर घायल हो जा रहे हैं। महुली-विश्वनाथपुर सड़क पर हर दस मीटर की दूरी पर सड़क टूटकर गड्ढे की शक्ल ले चुकी है । टिकुईकोल बाबू, डुमरी, विश्वनाथपुर के पास इस सड़क की स्थिति काफी दयनीय है। यही हाल नाथनगर से महुली जाने वाली सड़क का भी है । सड़कों पर जगह जगह गड्ढे बन गए हैं । जिसमें भरा पानी राहगीरों के लिए परेशानी का कारण बने हुए हैं। बारिश से सड़कों के किनारे जमा पानी टूटी हुई सड़क के उपर से बह रहा है । स्थानीय विधायक श्रीराम चौहान के प्रदेश सरकार में राज्यमंत्री होने से बावजूद क्षेत्र की सड़कों पर किसी का ध्यान नहीं है। 0000000000000 इंसर्ट राहगीरों के लिए जोखिम भरा है इस सड़क से सफर सड़कों पर बने गड्ढों की वजह से इस रास्ते से सफर करना जोखिम भरा हुआ है। स्थानीय जन प्रतिनिधियों को इस पर ध्यान देना चाहिए । जिससे लोगों को इस परेशानी से निजात मिल सके। -उमाशंकर शुक्ल 0000000000000000 इसेट- गड्ढामुक्त सड़क का सरकारी दावा फेल गड्ढामुक्त सड़क के सरकारी दावे फेल हैं । अब तो इन सड़कों पर चलने से डर लगने लगा है । इस सड़क से होकर जाने वाले परिवार के सदस्य जब तक वापस नहीं आ जाते चिंता लगी रहती है -आलोक पांडेय 000000000000 इंसेट- सड़क निर्माण में मानको का ध्यान नहीं विभागीय अधिकारियों और ठेकेदारों की मिलीभगत से सड़कें मानक के अनुरूप नहीं बन पाती । जिससे हल्की सी बारिश और वाहनो की आवाजाही से सड़कों की गिट्टी उखड़ जाती है। -आकाश शुक्ल 000000000000000 इंसेट- विकास कार्य केवल कागजों पर सरकार के विकास के वादे कागजों तक ही सीमित हैं । जमीनी सच्चाई आकड़ों के बिल्कुल विपरीत हैं। ऐसे में स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उदासीनता लोगों पर भारी पड़ रही है। - रणविजय यादव 000000000000000 बारिश के कारण सड़कों की मरम्मत का कार्य नहीं हो पाया है। अब बारिश थम गई है, ऐसे में जल्द ही सड़कों को दुरूस्त कराया जाएगा। रामजीत प्रसाद - अधिशाषी अभियंता निर्माण खंड
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