बखिरा। वही सब स्टेशन, वही ट्रांसफॉर्मर, वही तार और वही लाइन, लेकिन एक जुलाई लगते ही बखिरा क्षेत्र की बिजली आपूर्ति की चाल बदल गई है। 20 घंटे तक मिलने वाली आपूर्ति व्यवस्था एक जुलाई से अचानक लड़खड़ा गई है। महज 10 से 12 घंटे की आपूर्ति मिलने पर लोगों को पुरानी सरकारों की याद आ गई।
बखिरा क्षेत्र में 30 जून 2024 तक कई महीनों से निर्बाध बिजली की आपूर्ति 20-22 घंटे तक हो रही थी। बेहतर बिजली मिलने से लोगों की बिजली संबंधी पुरानी कड़वी यादें भूलने लगी थी, लेकिन चुनाव बीतते ही विगत एक जुलाई से छह घंटे बिजली कटौती के आदेश की आड़ में 12 से 14 घंटे अंधाधुन कटौती की जा रही है। एक तो भयंकर गर्मी व उमस से लोग परेशान है, ऊपर से बिजली अब लोगों को रुला रही है।
रामहित, दयाशंकर गुप्ता, अनिल कुमार, राजेश कुमार, संजय का कहना है कि एक जुलाई से मिलने वाली बिजली की वजह से उनकी दिनचर्या ही बिगड़ गई है। कई महीनों तक मिली शानदार आपूर्ति अचानक 10 से 12 घंटे में तब्दील हो जाने से उन लोगों को काफी दुश्वारी हो रही है। बिजली संबंधी उपकरण टीवी, फ्रिज, वाॅशिंग मशीन व मोटर सब बेमतलब के हो गए है। इतनी खराब आपूर्ति के साथ ही वोल्टेज भी बहुत लो आ रहा है। पंखे रेंगते रहते है। कम वोल्टेज होने से कई उपकरण जल गए। आखिरकार ऐसी क्या वजह रही कि 20 से 22 घंटे आपूर्ति के बजाए एकाएक 10 से 12 घंटे बिजली का फरमान जारी कर दिया गया। इतनी भयंकर उमस व गर्मी की वजह से लोग बीमार पड़ रहे है। यह क्रम कब तक चलेगा। इसे लेकर लोग काफी परेशान है। लोग मौजूदा सरकार में पुरानी सरकारों को याद करने लगे है।
विद्युत निगम के अवर अभियंता रामकरन ने बताया जिले को जितनी आपूर्ति मिल रही है। उसके अनुसार ही क्षेत्र में बिजली दी जाती है।
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