संतकबीरनगर। जनपद के बेलहर थाना क्षेत्र के ग्राम बेलहर कला टोला कोनहवा में वर्ष 2020 में ससुराल में एक संदिग्ध व्यक्ति की मौत हो गई। इस मामले में शुक्रवार को न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर एक रमेश दुबे की कोर्ट ने हत्या के आरोप से भाई-बहन एवं मां को साक्ष्य के आभाव में संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त करने का फैसला सुनाया।
बचाव पक्ष के अधिवक्ता राकेश जी मिश्र एवं संतोष कुमार राय ने बताया कि मामला आठ जुलाई 2020 का है। मनीष पांच जुलाई 2020 को बेलहर थाना क्षेत्र के ग्राम बेलहर कला टोला कोनहवा स्थित अपनी ससुराल पत्नी संजना एवं 10 माह के पुत्र को लेकर आया था। आठ जुलाई को ससुराल से कुछ दूरी पर स्थित बाग में मनीष की अचानक तबीयत खराब हो गई। संजना ने पति के तबीयत खराब होने की सूचना अपने ससुराल में फोन से देने के बाद अपनी मां कमलावती व अन्य लोगों के साथ मनीष को इलाज के लिए सीएचसी मेंहदावल ले गई, जहां चिकित्सकों ने मनीष को मृत घोषित कर दिया था। जिसके बाद ससुरालियों ने संजना और उसके मायके वालों के खिलाफ हत्या का आरोप लगाना शुरू कर दिया। पोस्टमाॅर्टम रिपोर्ट में मनीष के मौत की वजह स्पष्ट नहीं हुई। जिसके बाद मृतक के पिता ने न्यायालय में मृतक की पत्नी संजना, साले उदित उर्फ पप्पू व सास कमलावती व ससुर कुलदीप के खिलाफ बेटे मनीष की हत्या करने का आरोप लगाया। न्यायालय ने बेलहर पुलिस को केस दर्ज करने का निर्देश दिया था। पुलिस ने चारों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करके तीन लोगों के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र प्रेषित किया था। जिस पर लगभग तीन वर्ष तक न्यायालय में मामले का विचारण हुआ। अधिवक्ता ने बताया कि अपर सत्र न्यायाधीश ने संजना, पप्पू उर्फ उदित तथा कमलावती को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया।