हीरालाल रामनिवास स्नातकोत्तर महाविद्यालय खलीलाबाद मे संस्कृत भारती शिविर में आये हुए प्रतिभागी।
संतकबीरनगर। हीरालाल रामनिवास स्नातकोत्तर महाविद्यालय खलीलाबाद में संस्कृत भारती शिविर का बुधवार को शुभारंभ हुआ। इसके साथ ही प्रतिभागियों का विभाजन कर भाषा बोधन वर्ग और शिविर चालक वर्ग का निर्धारण कर प्रशिक्षण शुरू हो गया। बलिया से आई प्रशिक्षिका अनीता मिश्र ने कहा कि कठिन तपस्या करने से प्रतिभा निखरती है।
शिविर में संस्कृत आसानी से सीखा जा सकता है। उन्होंने बताया कि थोडे़ से अभ्यास करने से संस्कृत शिक्षण का कौशल आसानी से प्राप्त किया जा सकता है। इसी क्रम में प्रतिभागियों का गण विभाजन करके प्रशिक्षण शुरू कराया गया। संस्कृत भारती के जनपद संयोजक विनोद कुमार त्रिपाठी ने बताया कि पूरे गोरक्ष प्रांत में संस्कृत भारती हर गांव तक संस्कृत सिखाने की योजना तैयार की है। शिविर चालक वर्ग में पुरुष और महिलाओं को प्रशिक्षित किया जा रहा है। यह प्रशिक्षित होकर लोगों को प्रशिक्षित करेंगे।
डॉ. सत्यप्रकाश मिश्र ने बताया कि पाठ बिंदुओं का भलीभांति अभ्यास और प्रयोग सिखाया जा रहा है। शिक्षार्थी सहज ढंग से परस्पर संस्कृत में व्यवहार सीख रहे है। निश्चय ही संस्कृत भारती का यह कार्य लोगों में संस्कृत के प्रति जागरूकता उत्पन्न करने में अत्यंत उपयोगी होगा। संस्कृत के अध्ययन से ही हम भारत को पुन: विश्व गुरु का दर्जा प्राप्त हो सकता है। इस कार्यक्रम में विभिन्न जिलों से शिक्षार्थी संस्कृत मय वातावरण में रहकर सफलता पूर्वक संस्कृत सीख रहे है। इस दौरान संस्कृत प्रशिक्षक शिव प्रताप मिश्र, सत्यम तिवारी, रणविजय तिवारी, अभिषेक तिवारी, अलका तिवारी, मोनू उपाध्याय ,निरंजन चौबे, देव चौबे, अनंत देव पाठक, शिवम पांडेय आदि लोग उपस्थित रहे।