- मिशन निदेशक के पत्र के बाद सीएमओ ने दिखाई सख्ती
- समान कार्य, समान वेतन और नियमित करने की कर रही मांग
- सीएमओ ने रोका वेतन, दी चेतावनी
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। बिना अनुमति के सीएमओ कार्यालय पर धरना देने और पिछले चार दिन से हड़ताल में शामिल जिले की 16 सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी का वेतन सीएमओ ने रोक दिया है। साथ ही चेतावनी दिया है कि तीन दिन में हड़ताल खत्म कर काम वापस नहीं लौटी तो सेवा समाप्त कर दी जाएगी।
प्रदेश संगठन की मांग पर सीएचओ हड़ताल पर हैं। सीएचओ की मांग है कि उन्हें समान कार्य, समान वेतन दिया जाए और नियमित किया जाए। साथ ही पांच सूत्री मांगों को लेकर वो हड़ताल पर हैं। 28 अगस्त काे बिना सीएमओ की अनुमति के सीएचओ लखनऊ पहुंच गईं और वहां पर धरना दिया। इसके अलावा 30 अगस्त को सीएमओ कार्यालय पर भी बिना अनुमति के धरना दिया।
सीएमओ डॉ. रामानुज कन्नौजिया ने बताया कि मिशन निदेशक का सख्त निर्देश है कि स्वास्थ्य सेवाएं ठप नहीं होना चाहिए। जिले की 16 सीएचओ बिना अनुमति के धरने में शामिल हैं। जिनमें प्रगति राय रौरापार, प्रियंका उपाध्याय जूरी, प्रतिमा चौबे अमाए, सुमन चांदीडिहा, मनोजा माधोपुर, पूर्णिमा मिश्रा बाराखाल, रेनू अग्रहरि शिवबखरी, अफसाना देवकली, श्वेता हरपुर, साक्षी सिंह जमोहरा, शिवानी धौरापार, साधना रामपुर, मांडवीपाल गागरगाड़, सुधा वर्मा उमरिया पांडेय, सोनी भरथुआ, आकांक्षा जमुअरिया खुर्द शामिल हैं। इन सभी का वेतन रोक दिया गया है। साथ ही तीन दिन के अंदर काम पर नहीं लौटती हैं तो संविदाकर्मी सेवा नियमावली के तहत इनकी सेवाएं समाप्ति की संस्तुति कर दी जाएगी।