- राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने बीएसए को सौंपा ज्ञापन
- डिजिटलाइजेशन के पूर्व हो सभी समस्याओं का समाधान
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने सोमवार को विभिन्न समस्याओं को लेकर बीएसए, वित्त व लेखाधिकारी कार्यालय को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने बिना किसी गंभीर प्रकरण के ही शिक्षकों व कर्मचारियों के वेतन बाधित करने के आदेश को शासनादेश का उल्लंघन बताया। संघ ने स्कूलों में शिक्षकों व छात्रों की डिजिटल उपस्थिति से पहले विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग की।
राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के जिलाध्यक्ष नवीन त्रिपाठी ने बीएसए कार्यालय को सौंपे ज्ञापन में कहा कि डिजिटलाइजेशन से पूर्व शिक्षक-छात्र समायोजन, ट्रेनिंग या ड्यूटी का भुगतान डीबीटी से, नगरीय भत्ता देने, एमडीएम का पूर्ण भुगतान करने व जर्जर भवन की नीलामी आदि कई समस्याओं का तत्काल समाधान किया जाना जरूरी है।
वहीं महासंघ ने एक अन्य ज्ञापन के माध्यम से बेलहर कलां बीआरसी पर चल रहे एफएलएन ट्रेनिंग में सभी प्रशिक्षुओं, प्रशिक्षकों तथा अन्य स्टाफ के वेतन बाधित करने के आदेश को तत्काल वापस लेने की मांग की। महासंघ ने कहा कि बिना तथ्यों को समझे ही इस तरह की कार्रवाई समझ से परे है।
वित्त एवं लेखाधिकारी को सौंपे ज्ञापन में जिलाध्यक्ष नवीन त्रिपाठी ने कहा कि बहुत छोटे मामलों में शिक्षकों व कर्मचारियों का वेतन बाधित कर दिया जा रहा है। यह जुलाई 2012 में जारी शासनादेश का उल्लंघन है। महासंघ ने बघौली ब्लाॅक के कुछ शिक्षकों का अकारण वेतन रोकने के मामले को नियम विरूद्ध बताया। ज्ञापन सौंपने वालों में महामंत्री अमरेश कुमार चौधरी, मंत्री मनोज कुमार पांडेय आदि मौजूद रहे।