सपना रह गया विकास, सफाई नहीं होने से बढ़ी परेशानी
- अभी तक नहीं तैयार हुआ विकास का खाका
- कहीं पर नहीं दिखता कूड़ा पात्र, जगह-जगह गंदगी
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। करीब दो साल पहले नगर पालिका खलीलाबाद का सीमा विस्तार हुआ था। जिसमें 16 गांवों की करीब 50 हजार की आबादी नगर पालिका में शामिल हुई थी, लेकिन अभी तक यहां विकास के कोई कार्य नहीं कराए जा सकें है। जिसकी वजह से सफाई की व्यवस्था बदहाल है। जगह-जगह कूड़े का ढेर लगा है। सफाईकर्मी भी नहीं दिखाई देते हैं।
एक अक्तूबर 2020 को नगर पालिका परिषद खलीलाबाद सीमा का विस्तार हुआ और 16 गांव शामिल हुए। इसमें डीघा, कसैला, बेलवनिया, गौसपुर, बनियाबारी, पटखौली, सरैया, मिश्रौलिया, नेदुला, सरौली, बड़गों, खटौली, मैलानी, मोहद्दीपुर, सादिकगंज और उस्का खुर्द शामिल हैं।
इन गांवों में अभी तक नगर पालिका प्रशासन विकास की कार्य योजना तैयार नहीं करा सका है। जिसके कारण इन क्षेत्रों के शहरी विकास का सपना अधूरा रह गया है। इधर इन गांवों में सफाई व्यवस्था भी लड़खड़ा गई है।
पूर्व में ब्लॉक स्तर से लगाए गए सफाई कर्मियों को वहां से हटाकर ब्लॉक से संबद्ध कर दिया गया है। सफाई की जिम्मेदारी नगर पालिका परिषद के जिम्मे हो गई है। पालिका प्रशासन के दावे के बावजूद भी इन क्षेत्रों में सफाईकर्मी दिखाई नहीं दे रहे हैं। यही नहीं इन क्षेत्रों में कही भी कूड़ा पात्र नहीं रखा गया है। लोग अपने घरों से निकलने वाला कूड़ा बाहर ही फेंक दे रहे हैं। जिससे गंदगी फैल रही है।
क्षेत्र के मनोज कुमार, दीपेंद्र कुमार, सर्वेश आदि ने कहा कि जब तक ग्राम पंचायतें थी, तब तक गांवों में सफाई कर्मी आते थे और नियमित रूप से सफाई हो जाती थी लेकिन अब सफाई कर्मी दिखते ही नहीं है। जिससे समस्या बढ़ गई है।
विकास की कार्य योजना तैयार की जा रही है। साथ ही सफाईकर्मियों को भी सफाई कार्य के लिए लगाया गया है। पूरा प्रयास किया जा रहा है कि क्षेत्र के लोगों को समस्या न हो। इसके बाद भी यदि कहीं दिक्कत है तो उसे दूर कराया जाएगा। जल्द ही कूड़ा पात्र रखवाए जाएंगे।
- सुरेश मौर्य, ईओ नगर पालिका खलीलाबाद