संतकबीरनगर। खलीलाबाद से बहराइच तक नई रेल लाइन बिछाई जाना प्रस्तावित है। वहीं पहले चरण में खलीलाबाद से बांसी तक रेल लाइन बिछाई जाएगी। उम्मीद है 2024 तक खलीलाबाद से बांसी तक नई रेल लाइन का निर्माण कार्य पूर्ण हो जाएगा। वहीं खलीलाबाद- बहराइच रेल मार्ग पर पहले 120 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से ट्रेन चलाए जाने का मानक तय था, लेकिन बाद में रेल मंत्रालय ने ट्रेन की गति बढ़ा कर 160 किलोमीटर प्रतिघंटा कर दिया। इसकी वजह से दोबारा नक्शा तैयार होने से देरी हुई। इधर किसानों की भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया अभी चल ही रही है। ऐसे में अभी डेढ़ महीने मुआवजा पाने के लिए किसानों को इंतजार करना होगा।
खलीलाबाद से बांसी-बलरामपुर तक नई रेल लाइन बिछाए जाने की मांग लंबे समय से हो रही थी। डुमरियागंज सांसद जगदंबिका पाल और संतकबीरनर के पूर्व सांसद स्वर्गीय शरद त्रिपाठी ने इसके लिए अथक प्रयास किया था। उसके बाद इस नई रेल लाइन की स्वीकृति मिली थी। खलीलाबाद से बहराइच तक करीब 240 किलोमीटर दूरी तक नई रेल लाइन बिछाई जानी है। इसके लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है। प्रथम चरण में खलीलाबाद से लेकर बांसी तक 54 किलोमीटर दूरी तक कार्य कराया जाना है। इसमें संतकबीरनगर जिले के खलीलाबाद क्षेत्र के 29 गांव और मेंहदावल तहसील क्षेत्र के 25 गांवों अर्थात कुल 54 गांवों के 142 हेक्टेयर जमीन ली जानी प्रस्तावित है।
खलीलाबाद के एचआरपीजी कॉलेज से आगे सरैया गांव के पश्चिम से रेलवे लाइन बनेगी और बघौली होते हुए बखिरा, मेंहदावल, पसाई खेसरहा से बांसी तक जाएगी। इसमें दो जगह हॉल्ट बखिरा और पसाई में बनेगा, जबकि बघौली, मेंहदावल, खेसरहा और बांसी में स्टेशन बनाया जाएगा।
एडीएम अभिनव रंजन श्रीवास्तव ने बताया कि रेल मंत्रालय ने ट्रेन की गति 120 किलोमीटर प्रतिघंटा से बढ़ा कर 160 किलोमीटर प्रति घंटा कर दिया, जिसकी वजह से दोबारा नक्शा तैयार होने से देरी हुई। वैसे किसानों के भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई चल रही है। मुआवजे के लिए 110 करोड़ रुपये प्राप्त हो चुके हैं। जल्द ही धारा-19 का प्रकाशन करा दिया जाएगा। सितंबर के प्रथम सप्ताह से किसानों को मुआवजा की रकम वितरित करने का कार्य शुरु करा दिया जाएगा।