15 तक गड्ढा मुक्त होनी हैं सड़कें, बजट है नहीं
- अतिवृष्टि एवं बाढ़ से करीब 100 किलोमीटर सड़कें हुई हैं क्षतिग्रस्त
-स्पेशल रिपेयर मानसून डैमेज योजना में एक करोड़ की भेजी गई है डिमांड
- मेंहदावल क्षेत्र में चल रहा मरम्मत कार्य, धनघटा को करना पड़ेगा इंतजार
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीररनर। अतिवृष्टि और बाढ़ से क्षतिग्रस्त हुईं सड़कों की मरम्मत के लिए शासन ने 15 नवंबर की समय सीमा निर्धारित की है, लेकिन बजट के अभाव में मरम्मत का कार्य हो पाना संभव नहीं दिख रहा है। यदि अब बजट भी मिल गया तो भी निर्धारित समय सीमा के भीतर सड़कों को गड्ढा मुक्त कर पाना चुनौती होगी।
जिले में अतिवृष्टि एवं बाढ़ से जनपद में करीब 100 किलोमीटर सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं। इसके लिए स्पेशल रिपेयर मानसून डैमेज योजना के तहत करीब एक करोड़ रुपये की मांग शासन से की गई है। जिसके लिए अभी तक शासन से बजट का इंतजार है। जबकि अन्य सड़कों की मरम्मत के लिए पूर्व में ही करीब एक करोड़ रुपये मिले थे। इससे जिले के उत्तरी क्षेत्र मेंहदावल तहसील में कार्य कराया जा रहा है, जबकि दक्षिणी धनघटा क्षेत्र की सड़कों की मरम्मत के लिए अभी इंतजार करना पड़ेगा। कारण यह है कि इसके लिए बजट की कमी बनी हुई हैं।
दूसरी तरफ लोक निर्माण विभाग के जिम्मेदारों का दावा है कि अतिवृष्टि व बाढ़ के चलते जो सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं, उसके अलावा जो अन्य सड़कें क्षतिग्रस्त हैं। उनकी मरम्मत का कार्य कराया जा रहा है। 15 नवंबर तक ये सड़कें गड्ढा मुक्त हो जाएंगी, जबकि बाढ़ व अतिवृष्टि से क्षतिग्रस्त हुईं सड़कों के लिए बजट के लिए डिमांड भेजी गई है। बजट उपलब्ध होते ही सड़कों को युद्ध स्तर पर गड्ढा मुक्त कराने का प्रयास किया जाएगा।
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पुराने बजट से अन्य सड़कों की हो रही मरम्मत : एक्सईएन
लोक निर्माण विभाग के अधिशाषी अभियंता रामजीत प्रसाद ने कहा कि अतिवृष्टि व बाढ़ से जिले में करीब 100 किलोमीटर क्षतिग्रस्त हुई हैं। इसका आंकलन कर स्पेशल रिपेयर मानसून डैमेज योजना में करीब एक करोड़ के बजट का डिमांड भेजा गया है। जिसका बजट अभी नहीं मिला है, जबकि पूर्व में करीब एक करोड़ रुपये प्राप्त हुए थे, जिससे घूरापाली सहित अन्य सड़कों की मरम्मत का कार्य कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 15 से 20 नवंबर तक जिले की सभी सड़कों को गड्ढा मुक्त कराने का हर संभव प्रयास है।