धनघटा। हिमालय से निकलकर बलिया और छपरा के बीच गंगा नदी में मिलने वाली सरयू नदी जिले के चालीस गांव की सीमा से होकर सपाट तट से होकर बहती है। इस नदी में स्नान करने के लिए श्रद्धालु विभिन्न घाटों पर प्रत्येक पर्व और प्रत्येक रविवार को पहुंचते हैं। खासकर बिडहर घाट पर अच्छी खासी भीड़ होती है, लेकिन तमाम मांगों के बावजूद नदी के किसी भी तट पर पक्का घाट का निर्माण नहीं हो सका है।
क्षेत्र के नारायणपुर, छपरा मगरबी, आगापुर गुलरिहा, खाले पुरवा, चपरा पूर्वी, तुरकौलिया नायक, जगदीशपुर, दौलतपुर, गायघाट दक्षिणी आदि गांव की सीमा से होकर सरयू नदी बह रही है। वर्ष 2019-20 में बिडहर घाट का सुंदरीकरण के साथ पक्का घाट का निर्माण प्रस्तावित था। पर्यटन विभाग के जरिए कार्य भी शुरू कराया गया, जो अब भी आधा अधूरा पड़ा हुआ है। पक्के घाट का निर्माण कार्य कराया जाना तो दूर, नदी की कटान से पिछले वर्ष बिडहर घाट पर स्थित राम जानकी मंदिर के अस्तित्व पर खतरा उत्पन्न हो गया था।
सरयू नदी में स्नान करने के लिए बस्ती, संतकबीरनगर, गोरखपुर, आजमगढ़, अंबेडकरनगर समेत कई जिलों के श्रद्धालु पहुंचते हैं। इतना ही नहीं बिडहर घाट पर सीढ़ी न होने की वजह से स्नान करते समय लोगों को परेशानी होती हैं।
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इन पर्व पर उमड़ते हैं श्रद्धालु
गंगा दशहरा, कार्तिक पूर्णिमा, सोमवती अमावस्या, सावन माह के प्रत्येक सोमवार, प्रत्येक माह के पूर्णिमा, महाशिवरात्रि, गंगा सप्तमी के साथ प्रत्येक रविवार को श्रद्धालु स्नान करते हैं।
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लोगों का कहना है कि बिडहर घाट पर बहुत पहले से श्रद्धालु पहुंचकर स्नान करते चले आ रहे हैं। किसी के निधन होने पर अंतिम संस्कार इसी घाट पर लोग करते हैं। वर्ष 2001 में इस घाट पर बहुत पहले से तपोस्थली बनाएं बाबा भूईलोटन दास के मन में आया कि इस मरुस्थल को देवस्थल के रूप में विकसित किया जाए। उन्होंने जन सहयोग से महाकाल मंदिर का निर्माण कराने के बाद कई मंदिरों का निर्माण कराया। श्रद्धालुओं के सुविधा के लिए बाबा ने पक्का घाट भी बनवाया। जिसे पिछले वर्ष तोड़ दिया गया।
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बिडहर घाट के सुंदरीकरण के साथ पक्के घाट के निर्माण के लिए तत्कालीन मंत्री श्रीराम चौहान के प्रयास से शासन ने चार करोड़ 65 लाख रुपये की स्वीकृति हुई थी। बरसात का समय जब आया और नदी उफान पर थी तो उसी समय ठेकेदार ने कार्य शुरू कराए। इस दौरान बनाई गई सीढ़ी को तोड़ दिया गया। बाद में काम भी बंद हो गया। चार दिन पहले फिर काम शुरू हुआ है।
-बाबा भूईलोटन दास, महंत
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पर्यटन विभाग ने बिडहर घाट पर सुंदरीकरण का काम शुरू करा दिया है। जल्द ही यहां की स्थिति बदली नजर आएंगी।
-डॉ. रविंद्र कुमार, एसडीएम धनघटा