- पौली और सेमरियावां ब्लॉक को किया गया चिह्नित
- चार लाख रुपये की स्वीकृति शासन से मिली
- करीब ढाई हजार बच्चों का मिलेगा लाभ
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। बेसिक स्कूलों के दिव्यांग बच्चों के लिए अब नियमित फिजियोथेरेपी हो सकेगी। इसके लिए जिले के दो ब्लॉकों में रिसोर्स सेंटर बनाया जाएगा। कुल चार लाख रुपये की स्वीकृति शासन ने दी है। इन दोनों ब्लॉकों के विद्यालयों में ही एक कक्ष में इसे बनाया जाएगा। इससे करीब ढाई हजार बच्चों का लाभ मिलेगा।
समेकित शिक्षा अभियान के तहत शासन की ओर से रिसोर्स सेंटर के लिए दो लाख रुपये जारी किए गए हैं। इसके लिए जिले के परिषदीय विद्यालयों में ही एक कक्ष की तलाश की जा रही है, जहां सेंटर संचालित होगा। सेमरियावां और पौली ब्लॉक को पहले चरण में चिह्नित किया गया है।
जिले में कुल 1247 परिषदीय विद्यालय हैं। इन विद्यालयों में करीब ढाई हजार दिव्यांग बच्चे पंजीकृत हैं। दिव्यांग बच्चों को शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए लगातार अलग-अलग कार्यक्रम विभाग की ओर से संचालित किए जा रहे हैं। ढाई हजार बच्चों में 80 बच्चे अति दिव्यांग की श्रेणी में हैं। जिनके लिए घर आधारित शिक्षा की व्यवस्था है। बकायदा इनके लिए स्पेशल एजुकेटर लगाए गए हैं। अब दिव्यांग बच्चों को नियमित फिजियोथेरेपी की व्यवस्था शुरू की जाएगी। इसके लिए सेमरियावां और पौली में रिसोर्स सेंटर बनेगा।
समेकित शिक्षा अभियान के तहत दोनों जगहों पर केंद्र निर्माण के लिए चार लाख रुपये की स्वीकृति मिलने के बाद विभाग की ओर से कवायद भी शुरू कर दी गई है। जहां दिव्यांग नौनिहालों की फिजियोथेरेपी हो सकेगी। रिसोर्स सेंटर में दिव्यांग बच्चों को शिक्षण के साथ ब्रेललिपि से पढ़ाने की व्यवस्था होगी। वहीं भाषा व कौशल विकास का अभ्यास कराया जाएगा। बच्चों को जरूरत के हिसाब से फिजियोथेरेपी, ऑक्यूपेशन थेरेपी आदि तक की सुविधाएं दी जाएंगी।
सेमरियावां और पौली में रिसोर्स सेंटर के लिए कक्ष की तलाश की जा रही है। सेंटर में विशेष शिक्षकों की रोस्टरवार ड्यूटी लगाई जाएगी, जो सेंटर पर पहुंचकर बच्चों को पढ़ाने के साथ थेरेपी की सुविधा प्रदान करेंगे।
- रजनीश वैद्यनाथ, जिला समन्वयक समेकित शिक्षा