करमैनी बेलौली तटबंध पर भरे गए रेनकट।
-अमर उजाला में खबर प्रकाशन के बाद जागा ड्रेनेज खंड
- मेंहदावल क्षेत्र में राप्ती पर बने तटबंध का हाल
संवाद न्यूज एजेंसी
मेंहदावल। राप्ती नदी पर बने करमैनी-बेलौली तटबंध की जर्जर दशा पर अमर उजाला में खबर प्रकाशन के बाद ड्रेनेज खंड के अधिकारी जगे और उसकी मरम्मत शुरू कराई। मरम्मत होने से ग्रामीणों ने राहत की सास ली है।
मेंहदावल विकास क्षेत्र के पूर्वी हिस्से में स्थित राप्ती नदी के तट पर लोगों को बाढ़ से बचाने के लिए 19.2 किमी लंबा बना बांध बदहाल है। वैसे तो शासन से मंजूरी मिलने के बाद ड्रेनेज खंड द्वितीय ने बांध की दशा सुधारने के लिए लगभग 21 करोड़ खर्च किया था, लेकिन इतनी भारी-भरकम धनराशि खर्च होने के बाद भी तटबंध की दशा नहीं सुधरी। बरसात पूरी तरह से बंद है लेकिन तटबंध पर रेन कट तथा होल भरने की कवायद अब तक शुरू नहीं हुआ। अमर उजाला ने 19 जुलाई के अंक में 21 करोड़ खर्च, नहीं सुधरी करमैनी-बेलौली बांध की तस्वीर शीर्षक से खबर प्रकाशित किया था। जिसके बाद ड्रेनेज खंड ने बांध के मरम्मत का कार्य शुरू कराया। बाध पर जगह-जगह बने रेनकट व होल को भरा जा रहा है। थरौली ग्राम पंचायत के पूर्व प्रधान दीप नारायण शर्मा ने कहा कि राप्ती नदी तथा तटबंध की मरम्मत जरूरी है। बारिश बंद है और ऐसे में तटबंध की मरम्मत करा ली जानी चाहिए।
तटबंध पर बने रेनकट व होल भरे जा रहे हैं। तटबंध की सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। कहीं से कोई दिक्कत नहीं है। जल स्तर काफी नीचे है। अब बाध पर कही रेनकट नही मिलेंगे।
राजउजागीर लाल, सहायक अभियंता, ड्रेनेज खंड