मेंहदावल में बढ़ रहा राप्ती नदी का जलस्तर।संवाद
मेंहदावल। तीन दिनों से लगातार बढ़ रहा राप्ती नदी का जलस्तर बृहस्पतिवार को घटने लगा है। जलस्तर में गिरावट आने से ड्रेनेज खंड द्वितीय के अधिकारियों के साथ ही आसपास के लोगों ने राहत की सांस ली है। हालांकि नेपाल से पानी छोड़े जाने से जलस्तर के फिर बढ़ने की संभावना बनी हुई है।
नेपाल की पहाड़ियों में हो रही बारिश के चलते लगातार तीन दिनों से राप्ती का जलस्तर बढ़ रहा था। कई स्थानों पर जलस्तर तटबंध के करीब पहुुंच गया था। इससे आसपास के गांव के लोगों में भय व्याप्त हो गया था, लेकिन बृहस्पतिवार को नदी का जलस्तर सायं चार बजे घटकर 77.65 मीटर पर आ गया, जिससे लोगों को राहत मिली है।
वैसे मेंहदावल क्षेत्र में स्थित राप्ती का जलस्तर बुधवार को लाल निशान 79.50 मीटर से मात्र डेढ़ मीटर नीचे रह गया था। साथ ही राप्ती नदी का बढ़ता जलस्तर लोगों को चिंता में डाल दिया था। बृहस्पतिवार को नदी का जलस्तर घटना शुरू हो गया, शाम तक नदी का जलस्तर 77.65 मीटर पर आ गया। नदी के जल स्तर में गिरावट आने के बाद ड्रेनेज खंड के जिम्मेदारों को थोड़ी राहत जरूर मिली, दूसरी तरफ बंधे के रैट होल, रेन कट विभागीय अधिकारियों के कार्य पर सवाल खड़ा कर रहे। अभी पूरी बरसात बची हुई हैै। ऐसे में चिंता बनी हुई है। तटबंध पर जो बाढ़ निरोधक कार्य होने थे वह बरसात के समय में विभागीय अधिकारियों ने शुरू किया। बारिश बंद है, नदी का जलस्तर भी नीचे आ रहा है, ऐसे में लोगों को उम्मीद है कि तटबंध पर बने रैट होल व रेन कट की समस्या दूर होगी।
क्षेत्र निवासी रामनिवास, अजीत कुमार आदि ने कहा कि अभी बरसात की शुरुआत है, ऐसे में तटबंध की सुरक्षा के लिए कदम उठाया जाना आवश्यक है। अवर अभियंता वीरेंद्र यादव का कहना है कि राप्ती के जलस्तर में कमी आ रही है। पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश बंद है, ऐसे में नदी का जलस्तर अब तेजी से नीचे जाएगा। बांध की सुरक्षा के लिए आवश्यकता अनुसार कार्य कराए जा रहे हैं। कहीं से कोई दिक्कत नहीं है। तटबंध पूरी तरह सुरक्षित है।