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संतकबीरनगर: राप्ती नदी ने उड़ाई लोगों की नींद, मुश्किल में फंसे ग्रामीण

Sun, 09 Oct 2022 06:58 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संतकबीरनगर।
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मेंहदावल के करमैनी में बढ़ रहा राप्ती नदी का जलस्तर।संवाद - फोटो : KHALILABAD
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संतकबीरनगर जिले में राप्ती नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। नदी का पानी कई स्थानों पर तटबंध से सटकर बह रहा है। कटान भी हो रही है। इससे तटबंध से सटे गांव के लोगों की चिंता बढ़ गई है। शनिवार को जलस्तर लाल निशान 79.50 मीटर से मात्र 65 सेमी नीचे था।
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दो दिनों तक हुई बारिश के बाद मेंहदावल क्षेत्र में स्थित राप्ती नदी का जलस्तर तीसरे दिन भी बढ़ता नजर आया। शुक्रवार को नदी का जलस्तर शाम चार बजे 78.50 मीटर पर था। शनिवार को दिन में 12 बजे 78.85 मीटर रिकार्ड किया गया। बेलौली, थरौली, बढ़या ठाठर, तिवारीपुर, विशुनपुर, नौगो, करमैनी आदि गांवों से सटकर नदी बह रही है। खैरा मंदिर, नौगो व तिवारीपुर में नदी कटान भी कर रही है।
ग्रामीणों का आरोप है कि दिन में यहां अवर अभियंता तैनात रहते हैं, लेकिन शाम होते ही तटबंध को लावारिस छोड़ दिया जाता है। क्षेत्रीय निवासी उपेंद्र सिंह, संदीप सिंह, धर्मेंद्र यादव, श्रीराम यादव, ओमप्रकाश यादव, लालचंद्र चौधरी, इंगलेश दूबे आदि ने कहा कि राप्ती नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है।
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सहायक अभियंता राम उजागिर लाल ने कहा कि करमैनी-बेलौली तटबंध पर सुरक्षा के लिए ड्रेनेज खंड द्वितीय सतर्कता बरती रही है। बाढ़ निरोधक कार्य कराए जा रहे हैं। तटबंध पूरी तरह से सुरक्षित हैं। तैनात अवर अभियंताओं को तटबंध पर कैंप करने के निर्देश दिए गए हैं।
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24 घंटे में 60 सेमी बढ़ा घाघरा नदी का पानी
बाढ़ के पानी से घिरने लगे हैं गांव
धनघटा(संतकबीरनगर)। घाघरा नदी का जलस्तर तेजी के साथ बढ़ते हुए शनिवार शाम बिडहरघाट पर 78.700 मीटर तक पहुंच गया। जलस्तर बढ़ने से मांझा स्थित गांव बाढ़ के पानी से घिरने लगे हैं। नदी कटान भी कर रही है।
घाघरा नदी व एमबीडी बांध के बीच धनघटा तहसील क्षेत्र के 22 गांव बसे हैं। नदी का पानी जब बढ़कर अपने दायरे से बाहर निकलता है तो गायघाट दक्षिणी, ढोलबजा, गुनवतिया, चकदहा, सरैया, खरैया, सियरकला, दौलतपुर, कंचनपुर, आगापुर गुलरिहा, पटौवा समेत 22 गांव बाढ़ की चपेट में आ जाते हैं। पिछले साल नदी ने कटान कर गायघाट दक्षिणी गांव के 34 परिवारों को बेघर कर दिया था।
इस वर्ष भी नौ लोगों के मकान नदी की धारा में समा चुके हैं। बेघर हुए लोग बसने के लिए जमीन नहीं पा सके हैं। क्षेत्र के राम दयाल, सुरेंद्र कुमार, रघुबर, ईशदेव, विदेशी आदि का कहना है कि पिछले माह आई बाढ़ से बढ़ी मुश्किल दूर भी नहीं हो पाई थी कि नदी का पानी फिर बढ़ने लगा है। नदी ने कटान भी तेज कर दी है। इसी तरह पानी दो दिन और बढ़ा तो गांव में बाढ़ का पानी घुस जाएगा। सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता सतीश चंद्र ने बताया कि 24 घंटे में घाघरा नदी 60 सेंटीमीटर बढ़ी है, लेकिन किसी भी तरह का खतरा नहीं है। बाढ़ से बचाव के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। बांध पूरी तरह से सुरक्षित है। संवाद
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