पिता ने पड़ोस के युवक पर बेटी को बहला-फुसला कर भगा ले जाने का दर्ज कराया था केस
खुद पुलिस के पास पहुंच गई थी किशोरी, पिता के साथ जाने से कर दिया था इन्कार
-पिता पर लगाया था बुजुर्ग व्यक्ति से शादी तय करने का आरोप
20 दिन तक वन स्टॉप सेंटर में रही किशोरी लखनऊ बाल आश्रय गृह भेजी गई
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। कोतवाली क्षेत्र की अपहृत किशोरी मेडिकल जांच में गर्भवती पाए जाने पर पुलिस ने आरोपी युवक पर दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट की धारा बढ़ा दी है। जबकि सहयोग करने के मामले में युवक की मां-बहन और पिता को भी आरोपी बनाया गया है। रविवार को पुलिस ने आरोपी की मां और बहन को गिरफ्तार कर लिया।
17 वर्ष चार महीने की किशोरी 28 अप्रैल को घर से लापता हो गई थी। 29 अप्रैल को पिता ने पड़ोस के युवक और उसके माता-पिता व बहन के खिलाफ बेटी को बहला-फुसला कर भगा ले जाने का केस दर्ज कराया था। पुलिस मामले की जांच-पड़ताल कर रही थी। 29 जुलाई को किशोरी खुद कोतवाली पहुंच गई। किशोरी ने पुलिस को बताया कि वह अपनी बुआ के घर सहजनवा क्षेत्र में रहती थी। उसके माता-पिता ने उसकी शादी बुजुर्ग के साथ तय कर दी। जबकि उसे रिश्ता पसंद नहीं है। उसी वजह वह नाराज होकर हिमाचल चली गई। वहां अपनी दोस्त रजनी के साथ रही। जब पता चला कि उसके पिता ने पड़ोसी युवक पर केस दर्ज करा दिया है, तो वह खुद पुलिस के पास पहुंच गई।
कोतवाल सर्वेश राय ने बताया कि मेडिकल जांच कराई गई तो किशोरी गर्भवती पाई गई है। किशोरी को बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया गया। किशोरी ने अपने पिता के साथ जाने से इन्कार कर दिया। इसकी वजह से किशोरी को 20 दिन तक वन स्टॉप सेंटर में रखना पड़ा। बाल कल्याण समिति के आदेश पर 18 अगस्त को किशोरी को लखनऊ के बाल आश्रय गृह में रखवा दिया गया। विवेचना में साक्ष्य पाए जाने पर आरोपी युवक पर दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट की धारा बढ़ाई गई है। जबकि युवक के माता-पिता और बहन सहयोग करने के आरोपी पाए गए हैं। आरोपी मां और बहन को रविवार को पुलिस ने गिरफ्तार किया। आरोपी युवक और उसके पिता की तलाश की जा रही है। जल्द ही दोनों को आरोपी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।