संतकबीरनगर। अपर सत्र न्यायाधीश, विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट कृष्ण कुमार की कोर्ट ने नाबालिग को बहला फुसलाकर भगा ले जाने, दुष्कर्म के मामले में दोषी पाए जाने पर पथारु उर्फ इंद्रजीत को 11 वर्ष सश्रम कारावास तथा 30,000 रुपया अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड अदा न करने पर एक वर्ष साधारण कारावास भी भुगतना पड़ेगा। साथ ही एससीएसटी एक्ट में दोषमुक्त कर दिया।
बखिरा क्षेत्र के वादी मुकदमा ने थाना प्रभारी बखिरा को तहरीर देकर बताया कि 16 दिसम्बर 2016 को उसकी नातिन उम्र लगभग 13 वर्ष घर से खेत के लिए गई थी। थाना बखिरा अंतर्गत के 24 वर्षीय आरोपी ने अपनी माता तथा एक अन्य के सहयोग से उसे बहलाफुसला कर भाग ले गया। 13 दिसंबर 2016 को नातिन ने अपनी माता के मोबाइल नंबर पर फोन कर रोते हुए घटना की जानकारी दी। तहरीर के आधार पर तीनों आरोपियों के विरुद्ध थाना बखिरा में केस दर्ज हुआ। विवेचक ने विवेचना के उपरांत आरोपी की माता तथा एक अन्य का नाम विलोपित कर आरोपी पथारू उर्फ इंद्रजीत को बहला फुसलाकर भगा ले जाने दुष्कर्म करने तथा एससीएसटी एक्ट व पॉक्सो एक्ट की धारा पाए जाने पर आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। कोर्ट में पीड़िता तथा उसकी माता की गवाही के साथ अन्य गवाहों के बयान तथा अभिलेखीय साक्ष्य एवं पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर एससीएसटी एक्ट में दोषमुक्त करते हुए नाबालिग को बहला फुसलाकर भगा ले जाने दुष्कर्म करने का दोषी पाए जाने पर आरोपी पथारू उर्फ इंद्रजीत को 11 वर्ष सश्रम कारावास तथा 30,000 रुपया अर्थ दंड से दंडित किया। अर्थ दंड अदा न करने पर दोषी को एक वर्ष साधारण कारावास की सजा भुगतनी पड़ेगी।