संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश, विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट जैनुद्दीन अंसारी की कोर्ट ने किशोरी से दुष्कर्म करने व जानमाल की धमकी देने के मामले में एक आरोपी को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया।
अधिवक्ता अखंड बहादुर पाल ने बताया कि धनघटा क्षेत्र ग्राम के पीड़ित ने थाना धनघटा में तहरीर दिया कि उसकी 14 वर्षीय पुत्री से एक वर्ष पूर्व से विवाह का झांसा देकर दुष्कर्म करता रहा और उसकी पुत्री को जान से मारने की धमकी देता था। 21 मई 2020 को आरोपी दरवाजे पर आया व मौका देखकर उसकी पुत्री को भगा से भगा ले गया और दुष्कर्म किया।
22 मई 2020 को ताल में अचेतावस्था में थी। होश में आने पर पुत्री ने सारी आप बीती बताई। आरोपी की बहन व आरोपी की चाची फोन पर विवाह करने के षड्यंत्र में सम्मिलित थीं। प्रार्थना पत्र के आधार पर थाना धनघटा में आरोपी के साथ उसकी बहन और चाची का नाम से केस दर्ज हुआ। कोर्ट में सुनवाई के बाद दस्तावेज व मौखिक साक्ष्य के आधार पर आरोपी के विरुद्ध दुष्कर्म का आरोप सिद्ध नहीं पाए जाने पर थाना धनघटा क्षेत्र के ग्राम के 19 वर्षीय आरोपी को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया। साथ ही वादी की तरफ से प्रथम सूचना रिपोर्ट के विपरीत झूठी गवाही न्यायालय में दिए जाने पर उसके विरुद्ध कार्यवाही करने का आदेश दिया है।