संतकबीरनगर। सीएम की घोषणा के बाद जिले को लखनऊ के लिए मिली रोडवेज बस का संचालन दस दिन बाद ही बंद कर दी गई। खलीलाबाद से लखनऊ तक के प्रर्याप्त यात्री नहीं मिलने को इसकी वजह बताई जा रही है। बस को अब बस्ती से संचालित किया जा रहा है। इससे जिले से लखनऊ जाने वाले यात्रियों को अन्य बसों की प्रतीक्षा करनी पड़ रही है।
दस दिन पहले जिला मुख्यालय के मेंहदावल बाईपास से लखनऊ के लिए राजधानी बस सेवा का संचालन शुरु हुआ था। इससे जिले के यात्रियों को सुविधा मिल रही थी। रविवार से बस का संचलन बंद कर दिया गया। संतकबीरनगर से लखनऊ का किराया राजधानी बस में 430 रुपये है। अन्य बसों में सिर्फ 396 रुपये ही लगते हैं। मेंहदावल बाईपास पर बस की प्रतीक्षा कर रहे नेदुला के सुनील ने बताया कि इतने वर्षों के बाद जिले को एक एक्सप्रेस बस मिली थी, लेकिन अब वह बस सेवा बंद हो गई है।
इससे जिले से लखनऊ का सफर करने के लिए अन्य बसों का सहारा लेना पड़ेगा। मेंहदावल के रहने वाले रमेश कुमार ने कहा कि आय का हवाला तो सिर्फ बहाना है, सच्चाई तो यह है कि रोडवेज प्रशासन बस संचालन करने में विफल है। इसलिए यहां से बस सेवा को बंद कर दिया गया। लखनऊ जाने के लिए बस का इंतजार कर रही बखिरा की सुनीता देवी ने कहा कि राजधानी बस चलने से सुखद सफर की आस जगी थी, लेकिन अब फिर से निराश होना पड़ेगा।
एआरएम बस्ती आयुष भटनागर ने बताया कि खलीलाबाद से बस में यात्री नहीं मिल रहे थे। इसी बीच बस्ती की राजधानी बस भी खराब हो गई। इसलिए संतकबीरनगर की राजधानी बस को अब बस्ती से संचालित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि राजधानी बस सेवा को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है। वैसे फिर इस पर विचार किया जाएगा।
ट्रैवलर प्रभावित कर रहे आय
बुकिंग लिपिक टीएन दूबे ने बताया कि राजधानी बस के समय पर टूरिस्ट परमिट वाले ट्रैवलर बस के आगे लगाकर सवारी भरने लगते हैं। इससे यात्री राजधानी बस में नहीं बैठते। यात्री न मिलने से बस की आय प्रभावित होती है। इस बारे में उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है।