नौ दिन में सिर्फ 45 किसानों से हुई 2250 क्विंटल धान की खरीद
- धान बेचने के लिए क्रय केंद्रों का चक्कर लगा रहे किसान
- नमी बता कर लौटाए जा रहे किसान, नहीं रुकी मनमानी तो औने-पौने दामों पर बेचेंगे धान
धनघटा/संतकबीरनगर। धान खरीद के लिए दस और नए केंद्र बढ़ाए गए हैं। जिले में कुल 64 क्रय केंद्रों पर धान की खरीद होगी। आलम यह है कि नौ दिन गुजर गए और अभी तक सिर्फ 45 किसानों से ही 2250 क्विंटल धान की खरीद हो पाई है। पूरी तरह सभी क्रय केंद्र अभी तक सक्रिय नहीं हो पाए हैं। वहीं दूसरी तरफ नमी बता कर किसान लौटाए जा रहे है। अगर मनमानी नहीं रुकी तो छोटे किसान औने-पौने दामों पर धान बेचने को विवश होंगे।
तहसील क्षेत्र के विकासखंड हैंसर बाजार, पौली और नाथनगर के 142 ग्राम पंचायतों के किसानों के धान की खरीद करने की जिम्मेदारी प्रशासन ने खाद्य विभाग धनघटा, पौली, नाथनगर, साधन सहकारी समिति अजाव, साधन सहकारी समिति शनिचरा बाजार, डीसीएफ छितौनी, सहकारी क्रय विक्रय समिति करनपुर, कोचरी, सेमरी समेत अन्य जगहों पर क्रय केंद्र खोलकर केंद्र प्रभारियों को किसानों के धान की खरीद की जिम्मेदारी दी है। आलम यह यह है कि अभी तक डीसीएफ, पीसीएफ और साधन सहकारी समितियों द्वारा खोले गए क्रय केंद्रों पर धान की खरीद शुरू नहीं हो सकी है। क्रय विक्रय समिति करनपुर पर धान बेचने के लिए बुधवार को केंद्र पर पहुंचे किसान राम लौट, महादेव, राजाराम, जयप्रकाश, बलिराम, सुरेंद्र आदि ने बताया कि धान बेचने के लिए ऑनलाइन पंजीकरण कराए एक सप्ताह से अधिक का समय गुजर गया। धान की खरीद करने की जिम्मेदारी संभाल रहे क्रय केंद्र करनपुर पर जब आते हैं तो केंद्र बंद रहता है। केंद्र प्रभारी कब आते हैं और कब चले जाते हैं, इसकी जानकारी नहीं हो पाती है। किसानों का कहना है कि इस केंद्र पर किसानों के धान की खरीद न के बराबर होती है, लेकिन सर्वाधिक खरीद करने का दावा इसी केंद्र के लोग दो वर्षों से करते चले आ रहे हैं। इसी तरह अन्य केंद्रों पर भी धान की खरीद अभी तक शुरू नहीं हुई है। किसानों का कहना है कि धान की खरीद न होने से खाद बीज की खरीद के लिए ओने पौने दामों पर व्यापारियों के हाथ धान बेचना पड़ रहा है।
क्रय केंद्र छोटे और मध्यवर्ग के किसानों के लिए बेमतलब है, क्योंकि छोटे किसानों के जरूरत के समय पर न तो खरीद हो पाती है और नहीं रकम मिल पाती है। खाद्य विभाग द्वारा संचालित क्रय केंद्र धनघटा में सात नवंबर से धान की खरीद शुरू करने की बात केंद्र प्रभारी ध्रुव कुमार ने बताया। उन्होंने कहा कि सात नवंबर को एक किसान से 34 क्विंटल और 9 नवंबर को दो किसान से 54 क्विंटल धान की खरीद की गई है। किसान धीरे-धीरे क्रय केंद्र पर आ रहे हैं। धान में नमी होने के कारण अभी खरीदने में दिक्कत तो आ ही रही है। इस संबंध में एसडीएम डॉ. रविंद्र कुमार का कहना है कि क्रय केंद्रों पर किसानों के धान की खरीद अवश्य होनी चाहिए। पता करेंगे किन-किन केंद्रों पर किन कारणों से अभी तक धान की खरीद शुरू नहीं हुई है। उसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
वैसे तो एक नवंबर से जिले में 54 क्रय केंद्र सक्रिय कर दिए गए थे। पिछले वर्ष नौ नवंबर से धान की खरीद शुरू हुई थी, लेकिन इस वर्ष चार नवंबर से किसान केंद्रों पर धान बेचने पहुंचने लगे हैं। अब तक 45 किसानों से 2250 क्विंटल धान की खरीद हो चुकी है। सभी केंद्रों पर नमी मापक केंद्र उपलब्ध है। किसानों को चाहिए कि वे अपने धान की ठीक प्रकार से सफाई करके और सुखा कर ही केंद्र पर बेचने ले जाएं। केंद्र प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे मर्जी से नमी बता कर किसी किसान को नहीं लौटाएंगे। किसानों को जागरूक करें कि वे धान की सफाई और सुखा कर बेचने लाएं। उम्मीद है कि दस नवंबर के बाद खरीद की रफ्तार बढ़ जाएगी। वैसे दस केंद्र और बढ़ाए गए हैं। अब केंद्रों की संख्या 64 हो गई है।
-- रूपेश कुमार, डिप्टी आरएमओ