संतकबीरनगर। सरकारी योजना का लाभ पाने में आने वाली समस्याओं के समाधान के लिए ग्राम पंचायतों में होने वाली चौपाल अधिकारियों के मनमाने रवैये के कारण बेमतलब साबित हो रही है। शुक्रवार को विकास खंड हैंसर बाजार के ग्राम पंचायत भैंसही और रजनौली में चौपाल लगाई गई, जिसमें कृषि विभाग के एडीओ के अलावा अन्य विभाग का कोई भी अधिकारी नहीं पहुंचा।
ग्राम पंचायत भैंसही में पेंशन न मिलने की शिकायत लेकर पहुंचे रामलाल, सरबजीत, राम अवध ने प्रार्थनापत्र देकर जब समस्या के समाधान की मांग की तो उनका प्रार्थना पत्र रख लिया गया और उन्हें बताया गया संबंधित विभाग को निस्तारण के लिए भेज दिया जाएगा। प्रधानमंत्री आवास की दूसरी किस्त न मिलने की शिकायत करते हुए लालती, दिलीप, सुभाष, कमलेश ने प्रार्थनापत्र दिया, तो जिम्मेदार अधिकारी के न रहने के कारण उनकी भी समस्या का समाधान नहीं हो सका।
इस तरह कुल 19 लोगों ने प्रार्थनापत्र देकर समस्या के समाधान की मांग की, जिसमें किसान सम्मान निधि न मिलने से संबंधित 12 मामलों का निस्तारण एडीओ कृषि राम लल्लन मिश्र ने मौके पर करा दिया। मनरेगा की मजदूरी न मिलने की शिकायत करने पहुंचे कई लोग बगैर प्रार्थनापत्र दिए ही घर लौट गए। गांव वालों का कहना था कि यह किस तरह का आयोजन है, जिसमें बीडीओ स्तर के अधिकारी मौजूद नहीं रहते हैं। जो ग्राम पंचायत अधिकारी और प्रधान समस्या की जड़ हैं, उन्हीं के जिम्मे समस्या का समाधान करना कर दिया गया है।
उसके बाद क्षेत्र के चर्चित गांव रजनौली में चौपाल का आयोजन किया गया, जिसमें एडीओ कृषि राम लल्लन मिश्र, ग्राम प्रधान राम मिलन यादव और ग्राम पंचायत अधिकारी राजेश यादव ने फरियाद सुनीं। रजनौली में कुल आठ मामले पेश हुए, जिसमें किसान सम्मान निधि से संबंधित सात मामलों का निस्तारण मौके पर ही कर दिए जाने का दावा एडीओ कृषि ने किया। गांव वालों का कहना है कि चौपाल में खंड विकास अधिकारी आए होते तो गांव के तमाम लोग अपनी-अपनी समस्या को लेकर अवश्य पहुंचे होते।
इस गांव में ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत अधिकारी नियमों को दरकिनार कर विकास कार्य कराते हैं। विकास खंड पौली के ग्राम पंचायत रोसया बाजार और गागरगाड में ग्राम चौपाल का आयोजन किया गया। गागरगाड में एडीओ पंचायत दलसिंह यादव ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं।
इस दौरान आवास, वृद्धा पेंशन, राशन कार्ड, नाली निर्माण, मनरेगा मजदूरी, किसान सम्मान निधि जैसी महत्वपूर्ण समस्याओं से अवगत कराया। गिरजेश, सरफराज ने जल निकासी की समस्या बताई। दर्शन, उमाशंकर, शिवशंकर ने बताया कि सम्मान निधि की रकम नहीं आ रही है। चकबंदी अधिकारी केके द्विवेदी, सहायक चकबंदी अधिकारी अवधेश कुमार ने गांव में लगी चौपाल में पहुंचकर ग्रामीणों को चकबंदी संबंधी जानकारी दी।
मेंहदावल संवाद के अनुसार विकास खंड क्षेत्र के ग्राम पंचायत नौगौं एव डमरुबर में शुक्रवार को चौपाल लगी। यहां भी एडीओ पंचायत और ग्राम पंचायत अधिकारी ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं, लेकिन एक भी मामले का निस्तारण नहीं हो पाया। ग्रामीण राम सजन, रामदरश, नरेंद्र ने ग्राम पंचायत में जल निकासी की समस्या उठाई, वहीं श्रवण, राम दरश, राम अचल आदि ने प्रधानमंत्री आवास की समस्या उठाते हुए कहा कि आवेदन करने के बाद भी अभी तक उनको आवास की सुविधा नहीं मिल पाई है।
ग्रामीणों ने टूटी सड़कों की मरम्मत की मांग की। पंचम गुप्ता, घनश्याम, लखन यादव ने गांव में तैनात सफाईकर्मी के न आने की शिकायत की।