संतकबीरनगर। उद्योगों को बढ़ावा देकर रोजगार सृजन करने पर शासन को पूरा जोर है, लेकिन जिले में उद्यमियों की समस्याएं दूर नहीं हो पा रही हैं। ऐसे में उद्यमी परेशान हैं और उनके समक्ष नए उद्योग लगाने की चुनौती है। डीएम महेंद्र सिंह तंवर के समक्ष बुधवार को उद्योग बंधु की बैठक में भी उद्यमियों ने अपनी समस्याएं गिनाई। डीएम ने समस्या का समाधान कराए जाने का भरोसा दिया।
उत्तर प्रदेश इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष अरविंद पाठक ने बताया कि इंवेस्टर समिट में दिए गए प्रस्तावों में उद्यमियों को जमीन के संबंध में तहसीलों से सहयोग नहीं मिल पा रहा है। भूमि नामांतरण की फाइलें अटकी पड़ी हैं। आपत्तियों का निस्तारण तय समय सीमा के अंदर नहीं हो पा रहा है। जिसके कारण निवेश विलंबित हो गया है। औद्योगिक क्षेत्र में नगर पालिका के जरिये टैक्स वसूली पर जोर दिया जा रहा है,लेकिन वहां की सुविधाएं देने की दिशा में कोई ध्यान नहीं दे रहा है। यूपीसीडा भी ऊंट के मुंह में जीरा जैसा बजट आवंटित कर उद्यमियों को संतुष्ट करने का प्रयास कर रहा है। डीएम ने निर्देश दिया कि उद्यमियों के भूमि नामांतरण की किसी भी प्रकरण को आफ लाइन स्वीकार न किया जाए। आन लाइन तय समय सीमा के भीतर निस्तारण हो। उपायुक्त उद्योग राजकुमार शर्मा ने निवेश मित्र पोर्टल पर लंबित प्रकरणों के निस्तारण कराए जाने का भरोसा दिया। धरातल पर उतरने वाले 32 इन्टेंट के सापेक्ष 18 इकाईयों का सर्वेक्षण कर लिया गया है। शेष इकाइयों का सर्वेक्षण एक सप्ताह के अन्दर पूर्ण कर अक्तूबर में प्रस्तावित ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी के लिए तैयार कर लिया जाएगा।