संतकबीरनगर। मौसम में बदलता और दिवाली का त्योहार पास आते ही घरों में हो रही सफाई के चलते उड़ती धूल दमा रोगियों की सांसें फुला रही है। जिला अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन 25 से 30 मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे है। डॉक्टर दवा और बचाव के उपाय बताए रहे हैं।
त्योहार को लेकर घरोंं में हो रही सफाई से धूल के कण हवा में घुल रहे हैं। मौसम में भी बदलाव हो रहा है। रात को सर्दी का अहसास होने लगा है। इससे सांस के मरीजों के लिए समस्या बढ़ गई है। इन मरीजों की सांस फूलने लगी है। जिला अस्पताल में प्रतिदिन 25 से 30 मरीज पहुंच रहे है। फिजिशियन डॉ रामशंकर के मुताबिक जहां एक सप्ताह पहले आठ से 10 मरीज आते थे। वहीं अब यह संख्या बढ़कर 25 से 30 हो गई है। बताया कि दीपावली पर घरों में साफ सफाई होती है।साफ सफाई या रंगाई पुताई की वजह से धूल के कण सांस के जरिए फेफड़े तक पहुंच जाते हैं। चूंकि सांस के मरीजों को सांस की नलियां संवेदनशील होती हैं। यह परेशानी अधिक होने पर दमा रोगियों का ऑक्सीजन लेवल कम होने लगता है।