लखनऊ-गोरखपुर इंटरसिटी व लखनऊ-बरौनी रहीं निरस्त
बसों को पांच घंटे की दूरी में लगे आठ से दस घंटे
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। कोहरे के कारण वाहनों की रफ्तार थम गई है। दो ट्रेनें जहां निरस्त हो गईं, वहीं, कई ट्रेनें देर से चलीं। लखनऊ से बसों से जो सफर पांच घंटे में पूरा होना चाहिए, उसमें आठ से दस घंटे का समय लगा। इससे यात्रियाें को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। लोग अपने गंतव्य को जाने के लिए परेशान नजर आए।
खलीलाबाद के मेंहदावल बाईपास पर अस्थायी बस स्टैंड पर यात्रियों की भीड़ सुबह से दिखाई दी। कारण यह है कि कोहरे के कारण बसें काफी देर से पहुंच रही थीं। लखनऊ से आने वाले दिलीप कुमार ने बताया कि बृहस्पतिवार की रात आठ बजे बस में सवार हुए। उम्मीद थी कि रात में एक से दो बजे तक पहुंच जाएंगे, लेकिन घना कोहरा होने के कारण बस काफी धीमी रफ्तार से चली। रात में तो बस को रोकना पड़ा। ऐसे में सुबह छह बजे बस खलीलाबाद पहुंची। लंबी दूरी की बसों में सफर और भी मुश्किल भरा रहा। कोहरे के चलते लोकल रूटों पर वाहन काफी कम संख्या में चले। सुबह के समय काफी दिक्कत हुई। देर शाम के बाद फिर कोहरा बढ़ा तो लोग वाहन के लिए परेशान नजर आए।
दूसरी तरफ कोहरे का असर ट्रेनों के सफर पर भी पड़ा है। लखनऊ-गोरखपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस और लखनऊ बरौनी एक्सप्रेस निरस्त रही। इसके कारण इन ट्रेनों से सफर करने वाले यात्री परेशान रहे। इसके साथ ही वैशाली एक्सप्रेस ट्रेन करीब ढाई घंटे देरी से आई, कटिहार एक्सप्रेस ट्रेन भी दो घंटे से अधिक की देरी से खलीलाबाद पहुंची। इससे यात्रियों की दुर्दशा हो गई है। लोग परेशान है। शाम के समय खलीलाबाद रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की भारी भीड़ दिखी।
शाम को हुई हल्की बारिश ने बढ़ाई परेशानी
शाम को छह बजे के बाद अचानक बारिश हुई। इससे जहां ठंड में इजाफा हो गया, वहीं, यात्रियों की परेशानी भी बढ़ गई। कारण यह रहा कि खलीलाबाद में बस डिपो नहीं हैं और यात्रियों को मेंहदावल बाईपास पर खुले में वाहनों का इंतजार करना पड़ता है। बारिश होने के कारण यात्रियों को परेशान होना पड़ा। यहां मिले सुनील कुमार, रामजीत आदि ने कहा कि मेंहदावल बाईपास पर यात्रियों के लिए शेड नहीं लगा है, जिसके कारण बारिश में ओवरब्रिज के नीचे शरण लेनी पड़ी। इससे बस पकड़ने में परेशान हुई।