संतकबीरनगर। एक ही सत्र में बीएड व बीटीसी की डिग्री लेने के आरोप में वेणी माधव गोपी नाथ इंटर कॉलेज बखिरा के प्रधानाचार्य को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई विद्यालय की प्राधिकृत नियंत्रक आशा यादव ने एक शिक्षक की शिकायत पर हुई जांच में मामला सही पाए जाने पर की है।
वेणी माधव गोपी नाथ इंटर कॉलेज की प्राधिकृत नियंत्रक आशा यादव ने बताया कि विद्यालय के एक शिक्षक ने 27 मार्च को डीआईओएस से शिकायत किया था कि प्रधानाचार्य राघवेंद्र नाथ द्विवेदी ने प्रमाण पत्रों में हेराफेरी की है। डीआईओएस के निर्देश पर मामले की जांच की गई। पाया गया कि बीएड व बीटीसी प्रधानाचार्य ने एक साथ किया है। यही नहीं, बीटीसी प्रशिक्षण का कुछ अंश तथा एलटी ग्रेड की सेवाएं एक साथ हुई हैं और वेतन आहरित किया गया है। प्रधानाचार्य ने आयकर की धारा 80 यू का लाभ लिया है, जबकि प्रधानाचार्य दिव्यांग नहीं हैं। इसके साथ ही कूटरचित दस्तावेज तैयार कर आयोग एवं उच्चाधिकारियों को गुमराह किया और वेतन संरक्षण जैसे वित्तीय लाभ लिए हैं। अपनी कमियाें को छिपाने के लिए प्रधानाचार्य राघवेंद्र नाथ द्विवेदी ने विद्यालय की पंजिका भी कर्मचारी से छीनकर फाड़ दी है। जांच में प्रधानाचार्य प्रथम दृष्टया कूटरचित कर पेपर तैयार करने, कर्मचारी शिक्षक आचरण के विरूद्ध आचरण किए जाने, वित्तीय लाभ लेने एवं कदाचार के दोषी पाए गए है। उन्हें माध्यमिक शिक्षा अधिनियम के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन की अवधि में वह अपनी उपस्थिति विद्यालय में दर्ज कराएंगे। उन्होंने बताया कि डीआईओएस को पत्रावली भेज दी गई है उनके स्तर से जांच कमेटी बैठेगी।
मेरे ऊपर लगे समस्त आरोपों का हाईकोर्ट ने निस्तारण किया है। न्यायालय में भी अनियमितता का आरोप सिद्ध नहीं हुआ था। डीआईओएस के आदेश पर ही वह जिम्मेदारी का निर्वहन कर रहे थे। व्यक्तिगत द्वेष व ईर्ष्या की भावना से कार्रवाई की गई है। -राघवेंद्र नाथ द्विवेदी, निलंबित प्रधानाचार्य
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पुनीत कुमार मिश्र