- प्राइवेट विद्यालयों के खटारा वाहन कर रहे नौनिहालों की जिंदगी से खिलवाड़
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। धनघटा तहसील क्षेत्र में विभिन्न जगहों पर खुले मांटेसरी स्कूल के खटारा वाहन प्रतिदिन बच्चों के जिंदगी के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। वाहन के किराया में न तो कोई कमी है ना कोई रियायत। कमी केवल एक है कि प्रशासनिक अधिकारी इन वाहनों की तरफ ध्यान नहीं दे रहे हैं।
धनघटा, हैंसर बाजार, डिहवा बाजार, लोहरैया, संठी, बभनौली, अशरफपुर, हकीमपुर, उमरिया बाजार, चपरा पूर्वी, छपरा मगरबी, दूल्हा पार, गोविंदगंज, रोसया बाजार, उदहा, चकिया धुसवा, शिवा पार, शनिचरा बाजार, महुली, नाथनगर आदि कस्बों और बाजारों में खोले गए मांटेसरी विद्यालय बच्चों को घर से विद्यालय और विद्यालय से घर ले जाने के लिए मैजिक या टेंपों लगाए हुए। जिसमें बीच में बेंच रखकर बच्चों को बैठाया जाता है। इतना ही नहीं इन वाहन के ब्रेक और स्टेरिंग कब काम करना बंद कर देंगे इसका कोई भी ठिकाना नहीं है।
अभी हाल ही में उदहा के पास एक विद्यालय की एक बस स्टेरिंग फेल होने के कारण खाई में पलट गई थी । संजोग अच्छा रहा कि उस समय बस में बच्चे सवार नहीं थे। जिससे बड़ी घटना होते-होते बच गई। पिछले सप्ताह उमरिया बाजार के पास बच्चों को विद्यालय लेकर आ रही मैजिक अनियंत्रित होकर सड़क के नीचे जाकर उतर गई। उसमें भी बच्चे भरे हुए थे। यदि मैजिक पलट गई होती तो बड़ी घटना हो सकती थी।
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि मैजिक का चालक शराब के नशे में धुत था। इस कारण वह गाड़ी को लेकर नीचे उतर गई। इस संबंध में भी पुलिस क्षेत्राधिकारी बृजेश सिंह का कहना है स्कूली वाहनों का चेकिंग करने का आदेश ट्रैफिक पुलिस को दिया गया है। जो वाहन तय मानक के अनुसार नहीं पाए जाएंगे उन्हें किसी भी कीमत पर चलने नहीं दिया जाएगा। स्कूली वाहनों का विशेष चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है।