संतकबीरनगर। जिला अस्पताल में मरीज माफियाओं पर नकेल कसने की तैयारी शुरू हो गई है। शासन ने अमर उजाला की खबर का संज्ञान लिया है। अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य ने सीएमएस को फोन कर नाराजगी जताई है। सीएमएस ने ओपीडी में चिकित्सकों के कक्ष में लगीं अतिरिक्त कुर्सियों को हटवा दिया है। कहा है कि अगर मरीज माफिया अस्पताल में दिखते हैं तो उन्हें पुलिस के हवाले करने की कार्रवाई की जाएगी।
अमर उजाला ने 10 अक्तूबर के अंक में अस्पताल में सक्रिय है मरीज माफिया, सीसीटीवी कैमरे की निगरानी फेल शीर्षक से खबर का प्रकाशन किया था। इस खबर का संज्ञान लेकर अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य ने सीएमएस को फोन कर नाराजगी जताई। एसीएस के फोन के बाद सीएमएस डॉ. भवनाथ पांडेय ने चिकित्सकों के साथ बैठक की और सभी से बाहरी लोगों से दूरी बनाने के निर्देश दिए। इसके बाद ओपीडी में चिकित्सकाें के कक्ष में रखीं अतिरिक्त कुर्सियों को हटवा दिया। साथ ही चेतावनी दी है कि मरीज के अलावा कोई भी बाहरी व्यक्ति कमरे में नहीं रहेगा। जिसके पास पर्ची होगी, वही कक्ष में जाएगा। सीएमएस की इस कार्रवाई से मरीज माफिया सकते में हैं।
मरीज माफिया चिकित्सकों के कक्ष में मौजूद रहकर मरीजों को लिखी जाने वाली दवाओं को सस्ते दर पर दिलाने का लालच देते हैं और उन्हें बाहर मेडिकल स्टोर से दवा भी दिला देते हैं। इनकी सक्रियता इतनी अधिक है कि हर कक्ष में दो-तीन युवक बैठे रहते हैं और मरीजों को लिखी जाने वाली दवाओं पर नजर रखते हैं। जिस पर अस्पताल प्रशासन लगाम नहीं लगा पा रहा था। अब इन पर सख्ती बरतने की तैयारी तेज हो गई है।
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एक चिकित्सक के कक्ष से नहीं हटीं कुर्सियां
ओपीडी में मुख्य गेट के पास एक चिकित्सक के कक्ष में शनिवार को तीन युवक बैठे रहे। उन पर सीएमएस के निर्देश का कोई असर नहीं है। बताया जाता है कि वह अपने कक्ष में दो-तीन युवकों को बिठाए रहते हैं। सीएमएस ने अन्य चिकित्सकों के कक्ष से कुर्सियां हटवाईं पर इनके कक्ष से कुर्सियां नहीं हटी हैं। इसको लेकर लोग चर्चा कर रहे हैं।
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ओपीडी की प्रतिदिन निगरानी की जा रही है। चिकित्सकों के कक्ष से कुर्सियां हटवाई गई हैं। अगर कोई चिकित्सक फिर कुर्सी रख लिया है तो गलत है। उसे हटवाया जाएगा। इसमें अगर कोई बाहरी व्यक्ति बना कार्य के मिलेगा तो उसे पुलिस के हवाले कर दिया जाएगा। इसके लिए कार्यालय के कुछ लोगों को निगरानी का जिम्मा दिया गया है। -डॉ. भवनाथ पांडेय, सीएमएस