शुगर मिल चौराहा स्थित कृतिम पोखरे पर छठ पर्व को लेकर बेदी बनाती महिला।
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जिले में छठ पूजा के लिए तैयारी शुरू
सप्तमी को भोर में उगते सूर्य को पानी में खड़ी होकर महिलाएं देंगी अर्घ्य
संतकबीरनगर। छठ पूजा का पर्व 28 अक्तूबर से शुरू हो रहा है। कार्तिक शुक्ल षष्ठी को निर्जल व्रत रहकर महिलाएं भगवान सूर्य की उपासना करेंगी। इसमें उनके पति सहयोग करते हैं। छठ पूजा में संतानवती महिलाएं सायंकाल और भोर में सरोवर अथवा नदी के किनारे पानी में अंदर खड़े होकर भगवान सूर्य को दूध जल से अर्घ्य देंगी तथा सात प्रकार के फलों से पूजा अर्चना कर संतान की उन्नति और परिवार के कल्याण की प्रार्थना करेंगी। पर्व को लेकर जनपद के पोखरों और नदियों के किनारे वेदी बनाने का कार्य शुरू हो गया है।
डाला छठ के नाम से पूर्वांचल में तीन दिनों तक चलने वाले इस प्रसिद्ध त्यौहार के लिए तैयारियां तेजी से शुरू हो गई हैं। इस व्रत में महिलाएं पंचमी को एक वक्त बिना नमक के भोजन करती हैं। षष्ठी को निर्जल व्रत रहकर सायंकाल नदी-सरोवर के जल में खड़े होकर डूबते सूर्य को अर्घ्य देती हैं तथा सूर्य भगवान को विविध प्रकार के पकवानों का भोग लगाती है।
रात भर जागरण होता है, सप्तमी को भोर में पुन: उसी स्थान पर जल में खड़ेे होकर उगते सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है तथा फल, मिष्ठान, पकवान आदि अर्पित करती हैं। छठ पर्व को लेकर शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में तैयारिया तेज हो गई है। नदी और पोखरो के किनारे साफ सफाई शुरू हो गई है। शहर के समय जी स्थान के पास स्थित पोखरा, सुगर मिल आदि जगहों पर साफ सफाई के साथ लोगों ने वेदी बनाने का कार्य शुरू कर दिया है। लोग देवी बनाकर अपना स्थान निर्धारित कर दे रहे है ताकि उसी स्थान पर वह पूजा कर सके।
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