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तैयारी : हीट स्ट्रोक से निपटने के लिए सीएचसी में बनाए जाएंगे कोल्ड वार्ड

Mon, 01 Apr 2024 03:21 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
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-स्वास्थ्य विभाग ने शुरू की तैयारी, लोगों को करेंगे जागरूक
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- जिले में 8 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। कड़ी धूप और तेजी से बढ़ते तापमान को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने हीट स्ट्रोक से निपटने के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसके लिए विभाग जिले के आठ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर कोल्ड वार्ड बनाए जाएंगे, जहां पर हीट स्ट्रोेक से पीड़ित मरीजों को रखकर इलाज किया जाएगा। साथ ही लोगों को इससे बचाव के लिए जागरूक करने की भी तैयारी है। हर साल हीट स्ट्रोक के मामले सामने आते हैं।

गर्मी का मौसम शुरू हो गया है। शुक्रवार को जिले का अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया है। तेज धूप के साथ पारा चढ़ने से सुबह दस बजे से ही गर्मी का अहसास होने लगा है। ऐसे में अप्रैल, मई और जून माह में जब गर्मी और बढ़ेगी तो हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाएगा। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग इससे निपटने के लिए अभी से तैयारियों में जुट गया है। जिले के आठ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर अलग से कोल्ड वार्ड बनाया जाएगा। यदि कोई व्यक्ति हीट स्ट्रोक से पीड़ित होगा तो उसे कोल्ड वार्ड में रखकर उसका इलाज किया जाएगा। इससे जहां मरीजों को राहत मिलेगी वहीं इससे होने वाली मौत पर भी अंकुश लगेगा। ग्रामीण स्तर पर कार्यरत सीएचओ, एएनएम, आशा संगिनी व आशा कार्यकर्ता के माध्यम से लोगों को जागरूक भी किया जाएगा, ताकि हीट स्ट्रोक से बचाव हो सके।
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क्या है हीट स्ट्रोक, कैसे करें बचाव
हीट स्ट्रोक एक चिकित्सीय आपातकालीन स्थिति है। यह तब होती है जब लंबे समय तक उच्च तापमान या गर्म और आर्द्र परिस्थितियों में शारीरिक परिश्रम के कारण शरीर का मुख्य तापमान सामान्य स्तर से 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बढ़ जाता है। हीट स्ट्रोक गर्मी से संबंधित बीमारी का एक गंभीर रूप है। इसके होने से मस्तिष्क, हृदय, गुर्दे व अन्य अंगों को नुकसान पहुंचा सकता है। इसका तुरंत इलाज न होने पर यह जानलेवा भी हो सकता है।

हीट स्ट्रोक से बचाव के लिए बरतें सावधानियां

फिजिशियन डाॅ. एसडी ओझा ने बताया कि शरीर को हाइड्रेटेड रखने के लिए तरल पदार्थ पीएं। शराब और कैफीन से बचें, क्योंकि ये निर्जलीकरण का कारण बन सकते हैं। हल्के रंग के ढीले-ढाले कपड़े पहनें, जो शरीर के चारों ओर हवा को स्वतंत्र रूप से प्रसारित करने की सहायक हों। आमतौर पर सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक घर से बाहर न निकले। अधिक गर्मी से बचने के लिए ठंडे या छायादार क्षेत्रों में बार-बार ब्रेक लें। शरीर के तापमान को ठंडा करने के लिए ठंडी फुहारें या स्नान करें।
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हीट स्ट्रोक से निपटने के लिए तैयारियां की जा रही हैं। सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर कोल्ड वार्ड बनाए जाने की तैयारी है। साथ ही लोगों को जागरूक किया जाएगा।
- डॉ. रामानुज कन्नौजिया, सीएमओ
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