संतकबीरनगर। जिला अस्पताल की बिजली बृहस्पतिवार की देर रात 15 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद बहाल हो पाई। इसके लिए विभाग को औद्योगिक क्षेत्र से लाइनमैन बुलाना पड़ा। बिजली न रहने के कारण अस्पताल प्रशासन को लगातार जेनरेटर चलाना पड़ा। बिजली बहाल होने से अस्पताल के चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों ने राहत महसूस की।
बृहस्पतिवार की सुबह 8.30 बजे जिला अस्पताल के मीटर कक्ष में तेज धमाके के साथ केबल भ्रष्ट हो गई। आवाज इतनी तेज थी कि लोग दहशत में आ गए और धमाके की जगह पहुंच गए। केबल ब्लास्ट होने के साथ ही अस्पताल की बिजली गुल हो गई। अस्पताल प्रशासन की सूचना पर बिजली ठीक करने के लिए विद्युत निगम के कर्मी पहुंचे पर और केबल की मरम्मत की, लेकिन लाइन चालू होते की केबल में दोबारा ब्लास्ट हो गया। रात 10 बजे तक विद्युत कर्मी परेशान रहे। इसके बाद औद्योगिक क्षेत्र से लाइनमैन को बुलाया गया। उसने भी काफी मशक्कत की तो रात 11.30 बजे के करीब बिजली बहाल हो सकी।
अस्पताल में करीब 15 घंटे तक बिजली ठप रही। अस्पताल प्रशासन ने लगातार जेनरेटर चालू कर मरीजों को राहत दी। इस दौरान सिर्फ आईसीयू में ही एसी चला, जबकि अन्य कमरों में सभी बंद रहे। जेनरेटर चलने से पंखे चले, जिससे कुछ राहत रही। विद्युत निगम के जेई मिथलेस कुमार ने बताया कि अस्पताल के मीटर कक्ष में केबल में ब्लास्ट हो गया था। उसे सही किया जा रहा था, इसी बीच फिर से ब्लास्ट हो जाता था। देर रात कर्मियों को सफलता मिली और उसे सही किया गया।
केबल जलने से 33 केवीए फीडर से ब्रेक डाउन भी हो गया था। इस दौरान विद्युतकर्मी सुजीत कुमार, अनिल कुमार, रियाज अहमद, रामचंद, सुल्तान आदि मौजूद रहे।
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लगातार चलते रहे जेनरेटर
जिला अस्पताल में बिजली गुल होने के बाद जेनरेटर चलाया गया। इमरजेंसी, आईसीयू, पीआईसीयू के पास अलग-अलग जनरेटर चलाया गया। इससे पूरे अस्पताल को आपूर्ति दी गई, जिससे कार्य प्रभावित नहीं हुआ। वैक्सीन कक्ष समेत सीटी स्कैन सेंटर, पैथालॉजी में जनरेटर चलाकर कार्य हुआ।