संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। तपिश और बढ़ती गर्मी को देखते हुए सीएम की नाराजगी के बाद बिजली िनगम ने 22 जून तक प्रदेश को बिजली की घोिषत कटौती से मुक्त रखने का निर्देश दिया था। इस निर्देश के पहले ही दिन ऐसे फाल्ट हो गए जो सुचारु िबजली को दगा दे गए। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में पूरे दिन बिजली गुल रही। करीब आठ घंटे बिजली न रहने से उपभोक्ताओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
बुधवार को बिजली आपूर्ति व्यवस्था पटरी से उतर गई। स्थिति यह रही कि सुबह दस बजे से तेज हवा चलनी शुरू हो गई और बिजली कट गई जो दिनभर बाधित रही। इससे शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ताओं का सुख-चैन छिन गया। बिजली न रहने से पंखा, कूलर बेकार हो गए और उपभोक्ता उमस भरी गर्मी से परेशान रहे।
करीब आठ घंटे बिजली आपूर्ति बाधित रही और शाम के चार बजे के बाद बिजली आई। इससे पानी का भी संकट खड़ा हो गया। ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों के घरों पर लगी पानी की टंकियां सूख गईं।
वैसे भी बिजली निगम को गर्मी का मौसम शुरू होने के पूर्व में तैयारी करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन आधी-अधूूूरी तैयारी के कारण बिजली आपूर्ति बार-बार पटरी से उतर जा रही है। वर्तमान में 42 डिग्री सेल्सियस के तापमान में ट्रांसफाॅर्मर ओवरलोड होकर बंद हो जा रहे हैं। जर्जर तार भी तपिश नहीं झेल पा रहे हैं। लो वोल्टेज की समस्या बनी हुई है, जिससे उपभोक्ताओं का सुख चैन छिन गया है। बार-बार बिजली कट रही है, इससे उपभोक्ता परेशान हैं और व्यवस्था पर रोष जता रहे हैं। सबसे ज्यादा दिक्कत मगहर कताई मिल फीडर, बघौली आदि क्षेत्रों के उपभोक्ताओं को झेलनी पड़ रही है।
विद्युत उपभोक्ता सुधीर कुमार, राधेश्याम चौरसिया, शिव कुमार आदि ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश से उम्मीद जगी थी कि अब भरपूर बिजली मिलेगी, लेकिन दिनभर बिजली नहीं आई। शाम चार बजे के बाद बिजली आई, लेकिन बार-बार बिजली की आवाजाही बनी रही।
उधर कलक्ट्रेट में मेधावी बच्चों को सम्मानित किया जाना था, इसके लिए सीएम को लाइव दिखाया जाना था। इस दौरान 10 बार बिजली ठप हुई आैर सुचारु हुई। ऐसे में कार्यक्रम पर असर पड़ा।