संतकबीरनगर। भीषण तपिश के बीच मंगलवार को बिजली आपूर्ति व्यवस्था चरमरा गई। तेज पछुआ हवा के कारण जर्जर व ढीले तार आपस में टकरा कर जगह-जगह फाल्ट करने लगे। इसके कारण बिजली निगम को सुबह 10 बजे से शाम सात बजे तक बिजली आपूर्ति ठप रखनी पड़ी। बिजली ठप होने के कारण विभिन्न फीडर से जुड़े 300 गांव के लोगों को गर्मी में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। खलीलाबाद शहर में विद्युत कटौती हुई, लेकिन कुछ समय बाद बिजली आने से लोगों को राहत मिल गई।
मंगलवार को 42 डिग्री तापमान रहा। हर कोई इस भीषण गर्मी में परेशान रहा। ऊपर से हर घंटे बिजली की आवाजाही लोगों को परेेशान कर रही। खलीलाबाद शहर में बिजली कटौती होती थी कि 10 मिनट के बाद बिजली आ जाती थी, जिससे लोगों को दिक्कत नहीं हुई। ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली कटौती लोगों के लिए मुसीबत बन गई। धनघटा क्षेत्र के विद्युत सब स्टेशन मुखलिसपुर, कोचरी और चौरा कला से 300 से अधिक गांव जुड़े हुए हैं। इनमें विद्युत तार काफी पुराने और ढीले हैं। जब भी तेज हवा चलती है तो तार टूट जाते हैं और विद्युत आपूर्ति बाधित कर देते हैं।
मंगलवार सुबह 10 बजे के बाद जब तेज पछुआ हवा चलना शुरू हुई तो बिजली तार आपस में टकरा गए और विद्युत आपूर्ति ठप हो गई, जिससे सेमरडाडी, बैकुंठपुर, रूपिन, बकौली कला, पतजू, बैजनाथपुर, मटौली, सिसवा, गायघाट दक्षिणी, खाजो समेत तीन सौ से अधिक गांव में बिजली गुल हो गई। लोगों को इस भीषण गर्मी में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
बिजली उपभोक्ता राजन राय, प्रसिद्ध नारायण पांडेय, जयप्रकाश, अशोक राय, रामबचन, महावीर, उमेश, सुशील कुमार आदि का कहना है कि इस क्षेत्र में जब जब बिजली की आवश्यकता रहती है तब बिजली निगम उपभोक्ताओं को झटका देता चला आ रहा है। जरा सी हवा चली या बूंदाबांदी हुई तो बिजली आपूर्ति बाधित हो जाती है।
इस संबंध में बिजली वितरण निगम के जेई भानु प्रताप चौरसिया ने कहा कि तेज हवा के कारण कुछ समय के लिए बिजली बाधित हुई, लेकिन खराबी को दूर करके आपूर्ति दिए जाने की कोशिश की गई। शाम सात बजे तक बिजली सुचारु कर दी गई।