संतकबीरनगर। गर्मी में बिजली की मांग बढ़ गई है। मांग के सापेक्ष बिजली नहीं मिलने की वजह से जहां लो वोल्टेज की समस्या उत्पन्न हो रही है, वहीं कम क्षमता वाले ट्रांसफार्मर फुंक जा रहे हैं। इसकी वजह से गर्मी में उपभोक्ताओं की समस्या बढ़ रही है। उपभोक्ता परेशान हैं और विद्युत निगम सिर्फ आश्वासन दे रहा है।
वर्तमान में तापमान लगातार बढ़ रहा है।
तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। इससे उमस भरी गर्मी पड़ रही है। इसकी वजह से शहर से गांव तक 25 फीसदी बिजली की खपत बढ़ गई है। शहर में लगे ट्रांसफार्मरों पर लोड बढ़ने से आए दिन फुंक रहे हैं। दो महीने के भीतर 50 से अधिक ट्रांसफार्मर जलने के मामले सामने आए हैं। इससे बिजली गुल हो रही है और उपभोक्ता सांसत में हैं। बिजली से चलने वाले उपकरण बेकार साबित हो रहे हैं। पंखा, कूलर शोपीस बनकर रह गए हैं।
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अधूरी तैयारी, कम क्षमता के ट्रांसफार्मर दे रहे दगा
गर्मी शुरू होने के साथ ही बिजली निगम को निर्बाध रूप से बिजली उपलब्ध कराने की तैयारी करनी थी, लेकिन बिजली आपूर्ति व्यवस्था को सही ढंग से संचालित करने के लिए जिम्मेेदार अधिकारियों ने ध्यान ही नहीं दिया। अब गर्मी बढ़ गई है, तो लोड भी बढ़ गया है, जिससे कम क्षमता के ट्रांसफार्मर दगा दे जा रहे हैं। दो माह में 50 से अधिक ट्रांसफार्मर ओवरलोड के चलते फुंक चुके हैं। वैसे विद्युत निगम के अधिकारियों का दावा है कि जहां ट्रांसफार्मर जले या खराब हुए, उन्हें तत्काल ही बदल दिया गया। जहां ज्यादा दिक्कत रही है वहां मोबाइल ट्रांसफार्मर लगाकर बिजली आपूर्ति बहाल रखी जा रही है।
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बिजली की मांग बढ़ी तो हांफने लगी व्यवस्था
गर्मी बढ़ने के साथ ही बिजली की मांग बढ़ गई है। आधी-अधूूरी तैयारी के चलते उपभोक्ताओं को निर्धारित बिजली उपलब्ध कराने में बिजली निगम नाकाम साबित हो रहा है। बिजली निगम के कर्मचारियों का कहना है कि पहले 542 मेगावाट प्रतिघंटे बिजली की जरूरत थी, जो बढ़कर 683 मेगा वाट प्रतिघंटा हो गई है। अभी जून, जुलाई का महीना बाकी है, ऐसे में बिजली की डिमांड और बढ़ने की संभावना है, इसके बाद भी जिम्मेदार हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं।
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खड़ा हो रहा पानी का संकट
खलीलाबाद की सीमा विस्तार में 16 गांव नगर पालिका परिषद में शामिल हुए हैं, लेकिन यहां अब भी ग्रामीण क्षेत्र की बिजली मिल रही है। यहां सुबह छह बजे बिजली कट रही है और दोपहर में आ रही है। इसके साथ ही लोकल फाल्ट की समस्या बनी हुई हैं। इससे पेयजल का संकट बना हुआ है। लोगों के घरों की छतों पर लगी पानी की टंकियां सूख जा रही हैं। इससे भोजन बनाने से लेकर बच्चों को तैयार करने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। यही नहीं दिनभर उमस भरी गर्मी के कारण लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। विद्युत उपभोक्ता नरेंद्र कुमार, संजय कुमार आदि ने कहा कि लो वोल्टेज और कटौती से काफी दिक्कत हो रही है।
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गर्मी बढ़ने के साथ बिजली की मांग बढ़ी है। इसको देखते हुए तैयारियां की गई हैं। जहां ट्रांसफार्मर जल रहे, हैं वहां बदला जाता है। इसके साथ ही मोबाइल ट्रांसफार्मर भी लगाए जाते हैं। कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं कि लोकल फाल्ट तत्काल ठीक करें।
-दिव्य रंजन, अधिशाषी अभियंता