संतकबीरनगर। धनघटा क्षेत्र के नारायणपुर गांव के लोग बिजली मोटर से तालाब में पानी मंगलवार को भर रहे थे। उसी समय एसडीओ पहुंच गए। जब उन्होंने बिजली चोरी का केस दर्ज कराने की बात की तो गांव के लोग भड़क गए। गांव के लोगों को उग्र होता देख एसडीओ समेत अन्य विद्युत कर्मी भाग निकले।
भीषण गर्मी के चलते ताल तालाब सूख गए हैं। जिससे पानी के लिए पशु पक्षी को दर-दर भटकना पड़ रहा है। नारायणपुर गांव निवासी राम नरेश, प्रभुनाथ, जयकुमार, राम अवध आदि का कहना है कि गांव के बगल स्थित तालाब में पानी भरने के लिए मोटर लगाया गया था। मोटर में विद्युत सप्लाई दुर्गा मंदिर से लाई गई थी। मोटर से तालाब में पानी भर रहा था उसी समय एसडीओ विद्युत कर्मियों के साथ पहुंचे और गांव के लोगों को केस में फंसाने की धमकी देने लगे। अधिकारियों को तालाब के पास देख गांव के तमाम लोग वहां पहुंच गए। गांव के लोगों ने कहा कि बिजली का प्रयोग कोई निजी काम में नहीं कर रहे है। जनहित में तालाब में पानी भरा जाना आवश्यक था। इस कारण मोटर चला कर पानी भरने का काम किया जा रहा है।
गांव के लोगों की बात सुनकर एसडीओ शांत नहीं हुए। जिससे गांव वाले भड़क गए गांव के लोगों को उग्र होता देख। बिजली निगम के अधिकारी और कर्मचारी भाग निकले। दूसरी तरफ इस संबंध में एसडीओ पीपी वर्मा का कहना है कि चोरी से मोटर चलाई जा रही थी। गांव के लोग बिजली चोरी से बाज नहीं आ रहे, जिससे मजबूरन कार्रवाई करनी पड़ेगी।