सिंचाई व्यवस्था बदहाल, मौसम भी दे रहा दगा
सिंचाई के लिए स्थापित नलकूप कहीं खराब तो कहीं नालियां ध्वस्त
निजी नलकूपों के सहारे फसल बचाना हुआ मुश्किल, किसान चिंतित
संतकबीरनगर। खरीफ अभियान के इस सीजन में औसत से काफी कम बारिश हुई है। किसान फसल बचाने के लिए जूझ रहे हैं। स्थिति यह है कि कहीं नलकूप खराब हैं तो कहीं नालियां ध्वस्त। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।
जिले में सिंचाई के लिए 408 नलकूप स्थापित हैं। खलीलाबाद विकास खंड के नेहिया खुर्द, नेदुला सहित विभिन्न क्षेत्रों में कई नलकूप खराब है। जहां पर नलकूप ठीक हैं, वहां सिंचाई के लिए बनी नालियां ध्वस्त हो गई हैं। चकदही, नेदुला, बनियाबारी, सरौली आदि क्षेत्रों में नालियां ध्वस्त हैं। कई स्थानों पर झाड़-झंखाड़ उग आए हैं। इससे रात के समय सिंचाई करना संभव नहीं हो पा रहा है।
इस बार मौसम ने भी दगा दे रहा है। अब तक जिले में औसम से काफी कम बारिश हुई है। कृषि विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो पिछले साल मई में 183 मिमी, जून में 276 मिमी तथा जुलाई में 184 मिमी बारिश हुई थी। इस बार मई में 9.8 मिमी, जून 52 मिमी, जुलाई में मात्र 84 मिमी बारिश हुई है। क्षेत्र के किसान रविंद्र यादव, राधेश्याम चौरसिया आदि ने कहा कि नलकूपों की खराबी और नालियां ध्वस्त होने से सिंचाई करने में असुविधा हो रही है। मजबूरी में निजी संसाधनों से फसल की सिंचाई करनी पड़ रही है। इससे आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
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कोट
नलकूपों को पूूरी क्षमता के साथ चलाने का प्रयास किया जा रहा है। जहां पर नलकूप खराब हैं उन्हें ठीक कराने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।
लालचंद्र, अधिशासी अभियंता, नलकूप खंड
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पिछले साल की तुलना में इस साल काफी कम बारिश हुई है। इसका असर खेती पर पड़ा है। आंकलन कराया जा रहा है। रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
पीसी विश्वकर्मा, जिला कृषि अधिकारी
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