भ्रष्टाचार के आरोप में फंसे बाल संरक्षण अधिकारी की तबीयत खराब
विवेचक सीओ सदर ने केस दर्ज कराने वाली जिला प्रोवेशन अधिकारी का लिया बयान
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। भ्रष्टाचार के आरोप में फंसे बाल संरक्षण अधिकारी महेश गुप्ता की मंगलवार को तबीयत खराब हो गई। मुकदमे के विवेवक सीओ सदर ने जिला प्रोवेशन अधिकारी का बयान दर्ज कराया।
मेंहदावल क्षेत्र के शिकायतकर्ता ने डीएम प्रेम रंजन सिंह के समक्ष उपस्थित होकर बाल संरक्षण अधिकारी महेश गुप्ता की शिकायत की थी। आरोप लगाया था कि वर्ष 2021 में कोरोना से उसके पिता की मौत हो गई थी। जबकि मां की मौत तीन साल पहले हो गई थी। उसने 14 वर्षीय बहन और छोटे भाई को सीएम बाल सेवा योजना का लाभ दिलाने के लिए आवेदन किया था। मार्च 2022 में भाई-बहन को 24-24 हजार रुपये मिले भी थे। अप्रैल से योजना की रकम नहीं मिली तो उसने बाल संरक्षण अधिकारी महेश गुप्ता से सपंर्क किया।
आरोप है कि महेश गुप्ता ने पांच हजार रुपये की मांग की। रकम न देने पर योजना से वंचित कराने की धमकी दी। मुकदमें के विवेचक सीओ सदर अंशुमान मिश्र ने बताया कि वादी मुकदमा जिला प्रावेशन अधिकारी का बयान दर्ज किया गया है। विवेचना से जो तथ्य उभर कर सामने आएगा, आगे वैसी कार्रवाई की जाएगी।
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कोट
बाल संरक्षण अधिकारी ने तबीयत खराब होने का हवाला देकर तीन दिन का अवकाश लिया है। सीएम बाल सेवा योजना के 210 लाभार्थी हैं। जिन लाभार्थियों की उम्र 18 वर्ष पूरी हो गई है, उन्हें योजना का लाभ आगे नहीं मिलेगा। जांच में ऐसे करीब 12 लाभार्थी पाए गए है। योजना के लिए करीब 52 लाख रुपये का बजट मिला है। उम्मीद है कि तीन-चार दिनों के भीतर लाभार्थियों के खाते में रकम पहुंच जाएगी।
- डॉ. श्वेता त्रिपाठी, जिला प्रोवेशन अधिकारी