संतकबीरनगर। दीवानी न्यायालय के मुख्य गेट के बाहर लॉकअप के पास शुक्रवार को दुष्कर्म पीड़ित महिला होमगार्ड ने आरोपी सिपाही पर पत्थर चलाकर जानलेवा हमला किया। हमले में सिपाही लहूलूहान हो गया। घटना के बाद जब तक लोग जुटे, तब तक महिला होमगार्ड भाग निकली। बाद में एएसपी, कोतवाल पहुंच गए और घायल सिपाही को जिला अस्पताल भिजवाया।
कोतवाली क्षेत्र की रहने वाली महिला होमगार्ड ने करीब एक साल पहले कोतवाली में तैनात रहे आरोपी सिपाही अभिषेक सिंह पर दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराया था। इस मामले में पुलिस ने आरोपी सिपाही को जेल भेज दिया था। एसपी ने आरोपी सिपाही को निलंबित कर दिया था। कुछ माह पूर्व सिपाही जमानत पर छूटा और वर्तमान में उसकी तैनाती पुलिस लाइन में है। दुष्कर्म के दर्ज मुकदमे की पैरवी करने सिपाही अभिषेक सिंह कोर्ट आया था। कोर्ट के बाहर पोर्च के पास जैसे ही सिपाही ने बाइक पर बैठ कर स्टार्ट करना चाहा, तभी दुष्कर्म पीड़िता होमगार्ड ने उसके सिर पर पत्थर से प्रहार कर दिया। हमले में सिपाही का सिर फूट गया। सिपाही लहूलुहान हो गया।
सिपाही का आरोप है कि महिला होमगार्ड ने दूसरा पत्थर चलाते हुए कहा कि आज वह उसकी हत्या कर देगी। उसके बाद वह भाग कर दूसरे गेट पर गया, जहां ड्यूटी पर मौजूद सिपाही के जरिये जिला अस्पताल ले जाया गया। रास्ते में उसे उल्टी हुई और चक्कर आ रहा है। घटना सुनियोजित तरीके से की गई है।
सिपाही पर हमला करने वाली महिला होमगार्ड के खिलाफ हत्या के प्रयास का केस दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच शुरु कर दी गई है।
-सर्वेश राय, कोतवाल
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इंसेट
बार अध्यक्ष ने कचहरी की सुरक्षा पर उठाया सवाल
सिविल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष महीप बहादुर पाल ने सिपाही पर हुए हमले की घटना की निंदा की। उन्होंने कहा कि जिस तरीके से कचहरी में अपने मुकदमे की पैरवी करने आए सिपाही पर हमला हुआ और हमलावर महिला होमगार्ड भाग निकली, उससे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल है। इसीलिए अधिवक्ता प्रोटेक्शन एक्ट की मांग कर रहे हैं। न्यायालय सुरक्षा समिति की बैठक में यह मुद्दा उठाया जाएगा।