संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। महुली क्षेत्र के काली जगदीशपुर (मोहरैया) में मंगलवार को पुलिस के ऊपर हमले के बाद नामजद आरोपियों को पकड़ने के लिए पूरी रात पुलिस दबिश देती रही, लेकिन घर पर केवल महिलाएं और बच्चे ही मिले। पुरुष घर छोड़कर फरार हैं। आरोपियों के अलावा अन्य पड़ोसी भी पुलिसिया भय से नाते रिश्तेदारों के घर या सिवान में रहकर रात गुजार रहे हैं।
मंगलवार को काली जगदीशपुर (मोहरैया) में उपद्रवियों ने दिन दहाड़े जमकर उत्पात मचाया। कानून व्यवस्था को ठेंगा दिखाते हुए विवाद की सूचना पर पहुंचे सिपाही प्रशांत त्रिपाठी और अरुण गोंड के ऊपर हमला कर दिया। दोनों कांस्टेबल गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने इस मामले में दो अलग- अलग अभियोग दर्ज किया था, जिसमें मुख्य रूप से हत्या प्रयास, सरकारी कार्य में बाधा, सेवन सीएलए एक्ट, मोबाइल क्षतिग्रस्त सहित अलग धाराओं में आठ नामजद और चार अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। दिन में तो पुलिस आरोपियों को दबोचने का ताना बाना तैयार किया। सूरज के ढलने के साथ ही पुलिस की गतिविधि तेज हुई।
आरोपियों को दबोचने के लिए अंधेरी रात में पुलिस ने ताबड़तोड़ छापा मारना शुरू कर दिया। आरोपियों और सहयोगियों के घर पर केवल महिलाएं, बच्चे ही मिले। भय इस तरह व्याप्त था कि गांव के पुरुषों ने नाते रिश्तेदारों या फिर सिवानों को अपना शरण स्थल बना लिया था। सिवान में रह रहे लोग दूर से ही रोशनी देखकर चौकन्ना हो जा रहे थे। ग्रामीणों की मानें तो दो नामजद आरोपी पुलिस हत्थे चढ़े हैं। मंगलवार को पुलिस को चुनौती देने वाले आरोपी दुम दबाकर गायब हो गए। पुलिस मुखबिरों का जाल बिछाकर हर हाल में आरोपियों को दबोचने की रणनीति बना रही है।
एसओ भगवान सिंह ने बताया कि पुलिस नामजद आरोपियों की तलाश कर रही है। अज्ञात में दर्ज मुकदमे में आरोपियों की पहचान की जा रही है। किसी निर्दोष को डरने की जरूरत नहीं है।