जमीन संबंधी 196 प्रकरणों में 1144 लोगों को पुलिस ने अंतिम रूप से किया शांतिभंग में पाबंद
पाबंदी की शर्तों का उल्लंघन करने के तीन प्रकरणों में 28 लोगों की जमानत धनराशि कराएगी जब्त
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। देवरिया में जमीन संबंधी विवाद को लेकर हुए नरसंहार के बाद लापरवाह अफसरों व कर्मचारियों पर हुई कार्रवाई का असर दूसरे जिलो में भी दिखने लगा है। जमीन विवाद को लेकर जिले की पुलिस सतर्क हो गई है। एसपी ने जिले में जमीन से जुडे ऐसे विवादों 196 विवादों को चिन्हित कराया है,जिसमें मारपीट की घटनाएं हो सकती है। इन मामलों के 1144 लोगों को पुलिस ने अंतिम रूप से शांतिभंग की आशंका में पाबंदी की कार्रवाई की है। जबकि पाबंदी का उल्लंघन करने के तीन प्रकरणों में संबंधितों की जमानत धनराशि जब्त किए जाने की रिपोर्ट संबधित एसडीएम कोर्ट में भेजी है।
देवरिया की घटना के बाद से जमीन से जुडे़ प्रकरणों को लेकर अधिकारी से लेकर कर्मचारी तक सजग हो गए,लेकिन अधिकारियों के कार्यालयों में जमीन से जुडे जो भी प्रकरण पहुंच रहे है,उसमें मारपीट आदि की घटना होने पर पुलिस केस तो दर्ज कर लेती है, लेकिन असल जमीन का विवाद नहीं सुलट पाता है। ऐसे जिले में अनेक प्रकरण है। फिलहाल देवरिया कांड से यहां की पुलिस ने सबक लिया। एसपी के निर्देश के बाद सभी थानों की पुलिस ने अपने-अपने क्षेत्रों में जमीन के ऐसे विवादों को चिहिन्त किया, जिसमें दोनों पक्ष फौजदार के लिए आमादा रहता है। कोतवाली पुलिस ने 25 प्रकरणों मे कुल 169 लोगों पर अंतिम रूम से शांतिभंग की पाबंदी की कार्रवाई की। जबकि दुधारा पुलिस ने भी 25 प्रकरणों में 191 लोगों पर, धनघटा पुलिस ने 25 प्रकरणों में 106 लोगों पर, महुली पुलिस ने 25 प्रकरणों में 109 लोगों पर, मेंहदावल पुलिस ने 25 प्रकरणों में 123 लोगों पर, बखिरा पुलिस ने 25 प्रकरणों मं 220 लोगों पर, बेलहर कला पुलिस ने 21 प्रकरणों में 116 लोगों पर और धर्मसिंहवा पुलिस ने 25 प्रकरणों में 110 लोगों को अंतिम रूप से पाबंद कराया है। इस प्रकार कुल 196 प्रकरण में 1144 लोग पाबंद हुए है। संवाद
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दुधारा क्षेत्र के पचपोखरिया में मोहम्मद सद्दाम हुसैन पुत्र रहमतुल्लाह और अशफाक अहमद पुत्र यार मोहम्मद के बीच जमीन और चुनाव की रंजिश को लेकर विवाद चल रहा है। आठ मई 2022 को दोनों पक्ष आपस में भिड गए थे। इस मामले में केस दर्ज हुआ था। इसके साथ ही पुलिस ने एक पक्ष से मोहम्मद सद्दाम, शाह आलम, सादाब, रहमतुल्लाह, सहाबुद्दीन, वसीउद्दीन, नसररुद्दीन ,शाहिद और दूसरे पक्ष से अशफाक मोहम्मद, अख्तर हुसैन, बाबूरजा, अहमद रजा, बेलाल, महफूज, शाजिद, हफीजुर्रहमान और अजीजुर्रहमान को शांति भंग की आशंका में पाबंद किया था। दोबारा लोग 27 मई 2022 को फौजदारी हो गए थे। उसके बाद पुलिस ने दोनों पक्षों को अंतिम रुप से पाबंद कराया। 13 जनवरी 2023 को फिर पाबंदी का उल्लंघन कर मारपीट किया। जिसमें पुलिस ने केस दर्ज किया। पुलिस दोनों अंतिम पक्ष के 17 लोगों की जमानत धनराशि जब्त करने के साथ ही वैधानिक कार्रवाई करने के लिए एसडीएम कोर्ट में रिपोर्ट भेजा है।
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बखिरा क्षेत्र के भगवानपुर निवासी राम प्रकाश राजभर पुत्र नंदलाल और मनोज राजभर पुत्र जोखन के बीच जमीन की कब्जेदारी को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। 22 मार्च 2023 को दोनों पक्ष भिड़ गए थे। जिसमें पुलिस ने एक पक्ष से राम प्रकाश, विकास, शैलेश, अरविंद और दूसरे पक्ष से मनोज राजभर, झिनकाई, माधव, अर्जुन को शांतिभंग की आशंका में पाबंद किया था। 17 अगस्त को पुलिस ने दोनों पक्ष को अंतिम रूप से पाबंद कराया। 17 सितंबर को फिर दोनों पक्ष ईंट पत्थर चलाएं। पुलिस ने अब दोनों पक्षों के आठ लोगों की जमानत धनराशि जब्त करने की रिपोर्ट एसडीएम कोर्ट में भेजी है।
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कोतवाली क्षेत्र के नौहट गांव के प्रधान स्वर्गीय कौशल चौधरी और उनके विपक्षी हरेंद्र चौधरी के परिवार के बीच जमीन और चुनावी रंजिश चल रही थी। इसे लेकर दोनों पक्ष कई बार टकरा चुका था। इसकी वजह से पुलिस ने हरेंद्र चौधरी,उनके भाई चंद्रशेखर चौधरी, पिता परमात्मा चौधरी और दूसरे पक्ष के प्रधान कौशल चौधरी को 27 मार्च 2023 को शांतिभंग की आशंका में चालान किया था। पुलिस ने एक-एक वर्ष के लिए एक-एक लाख की जमानत और एक-एक लाख के मुचलके पर पाबंदी की कार्रवाई किया था। एसडीएम कोर्ट से 111 सीआरपीसी की नोटिस जारी किया गया था और लोगाें ने जमानत कराया था। एक साल के भीतर मारपीट करने पर पाबंदी थी। इसी बीच जून 2023 को आरोपियों ने प्रधान कौशल चौधरी की पीट-पीट कर हत्या कर दी थी। पुलिस ने इस मामले के आरोपियों को जेल भेजा था। पाबंदी की कार्रवाई में एसआई उदय शंकर मिश्रा ने एसडीएम कोर्ट में बयान दिया था। पुलिस ने मुख्य आरोपी हरेंद्र चौधरी, उनके भाई चंद्रशेखर चौधरी और पिता परमात्मा चौधरी के जरिये पाबंद की शर्तों का उल्लंघन करने पर इन तीनों आरोपियों से जमानत की धनराशि छह लाख की वसूली के लिए एसडीएम कोर्ट में रिपोर्ट दिया है।
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जमीन विवाद से जुडे 196 ऐसे मामले चिन्हित कराए गए, जिसमें विवाद की आशंका बनी हुई है। इनमें 1144 लोगों को अंतिम रूप से पाबंद कराया गया। अंतिम रूप से पाबंद किए गए तीन प्रकरणों में 28 लोगों ने पाबंदी की शर्तों का उल्लंघन किया। जिसकी वजह से इनके खिलाफ 122 सीआरपीसी के तहत इनकी जमानत धनराशि जब्त कराए जाने की रिपोर्ट एसडीएम कोर्ट में भेजी गई है। पुलिस जमीन संंबंधी विवाद को लेकर बेहद संजीदा है।
- सत्यजीत गुप्ता,एसपी
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जमीन से संबंधित संज्ञान में आने वाले प्रकरणों को गंभीरता से सुनने और निस्तारण के लिए सभी एसडीएम और तहसीलदार को निर्देश दिए गए हैं। राजस्व न्यायालयों में जो वाद लंबित है, उसमें तेजी से सुनवाई करके निस्तारित किए जाने को कहा गया है। जमीन से जुडे़ विवाद को निस्तारित कराने के लिए प्रशासन संजीदा है, जिससे किसी तरह का कोई विवाद की स्थिति पैदा न होने पाएं। पाबंदी की शर्त का उल्लंघन करने वालों पर वैधानिक कार्रवाई किए जाने का एसडीएम को निर्देश दिए गए हैं।
- महेंद्र सिंह तंवर,डीएम