धनघटा। महुली क्षेत्र के मुखलिसपुर बाजार में पिछले शुक्रवार को दो छात्रों को मारपीट कर गंभीर रूप से घायल करने के बाद करीब 22,000 रुपये लूटने के आरोपियों के गिरेबान तक पुलिस के हाथ भले ही नहीं पहुंचे, लेकिन इस मामले में दर्ज डकैती के केस को गलत बताते हुए पुलिस ने विवेचना के दौरान हटा दिया। ऐसा आरोप पीड़ित मढ़ रहे हैं।
धनघटा क्षेत्र के गोपीपुर गांव निवासी दो युवक पिछले शुक्रवार को मुखलिसपुर बाजार में डाटा केबल खरीदने गए थे। उसी दौरान मुखलिसपुर निवासी सात, आठ लोगों ने गोलबंद होकर हाॅकी, राॅड लेकर दोनों छात्रों पर जानलेवा हमला कर दिया था। एक युवक की तब तक पिटाई करते रहे, जब तक वह अचेत होकर गिर नहीं गया।
इस वारदात के बड़ी संख्या में लोग चश्मदीद बने रहे, लेकिन किसी का साहस नहीं हुआ कि बीच-बचाव करे। एक दुकान में जान बचाने की नियत से युवक भागे, उसके बाद भी हमलावरों ने उनका पीछा नहीं छोड़ा। दुकान में लगा सीसीटीवी कैमरा हमलावरों के जघन्य अपराध का प्रमाण दे रहा है। शुभम नामक युवक ने थाने पर दी तहरीर में जहां अपने साथ मारपीट की घटना का उल्लेख किया है, वहीं हमलावरों पर करीब 22,000 रुपये छीनने का भी आरोप भी मढ़ा है। इसके आधार पर पुलिस ने शनिवार को एसपी के आदेश पर मारपीट की गंभीर धाराओं समेत डकैती का केस पंजीकृत किया।
बाजार वासियों और पीड़ितों को उम्मीद थी कि पुलिस इन मनबढ़ों को अवश्य सबक सिखाएगी। पुलिस की कार्रवाई से लोग प्रदेश सरकार के अपराधियों के विरुद्ध की जा रही कड़ी कार्रवाई को याद करेंगे, लेकिन घटना के चार दिन बाद ही मामला उल्टा पड़ता दिखने लगा है। पुलिस दिन रात मुखलिसपुर में डेरा जमाए अपराधियों के गिरेबान तक अपना हाथ नहीं पहुंचा सकी, लेकिन डकैती के मुकदमा को झूठा करार करते हुए निकाल दिया, जिससे इस घटना में शामिल आरोपियों का मनोबल बढ़ना स्वाभाविक है, और पीड़ित परिवार का पुलिस से न्याय का भरोसा उठना तय है। इतना ही नहीं पीड़ित परिवार का कहना है कि आरोपी मुकदमे में सुलह के लिए जबरदस्त दबाव बना रहे हैं। इसके साथ ही फर्जी मुकदमा दर्ज कराने के लिए भागदौड़ कर रहे हैं।
लोगों का कहना है कि पुलिस अगर इसी तरह ढुलमुल रवैया अपनाती रही तो मुखलिसपुर बाजार का माहौल दिन प्रति दिन खराब होता जाएगा।
नवागत एसओ भगवान सिंह ने बताया कि मुकदमे के विवेचक ने विवेचना में डकैती की घटना होना नहीं पाया। साक्ष्य के आधार पर डकैती की धारा हटा दी गई है।
मुखलिसपुर की घटना को लेकर पुलिस बेहद संजीदा है, लेकिन पुलिस की जांच पड़ताल में डकैती की बात सामने नहीं आई है। इस वजह से पुलिस दर्ज मुकदमे की विवेचना में डकैती की धारा को हटा दिया है। आगे विवेचना प्रचलित है। इस मामले में आरोपियों पर पुलिस नियमानुसार कार्रवाई करेगी।
- सत्यजीत गुप्ता, एसपी