मेंहदावल। नगर पंचायत के बरतनहिया मोहल्ला निवासी रामधन सेठ प्रतिदिन सुबह टहलने निकलते थे। एक दिन काफी संख्या में हल्दी तथा सोंठ से लदी बैलगाड़ी बराखाल के समीप से गुजर रही थी। इनके परिवार के आशुतोष जायसवाल, अवनींद्र जायसवाल के मुताबिक करीब वर्ष पहले की बात है रामधन सेठ ने बैलगाड़ी वालों से पूछ लिया कि इस पर क्या लदा है। जिस पर बैलगाड़ी पर बैठे व्यापारी ने तंज कसते हुए कहा कि बता दूं तो पूरा सामान खरीदोगे। इस पर सेठ ने हामी भर दी और पूरा हल्दी तथा सोंठ खरीद लिया। दूसरे दिन इन सामानों की कीमत दोगुनी हो गई। हल्दी तथा सोंठ की बिक्री से जो मुनाफा प्राप्त हुआ। उसी से पंचमुखी शिव मंदिर तथा पोखरे का निर्माण कराया गया। वर्तमान में यह मंदिर गुरु गोरखनाथ मंदिर की संपत्ति है।