धनघटा। विकास खंड पौली के चौराकला और बगही में खेत बचाओ अभियान के अंतर्गत किसान जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान कृषि वैज्ञानिकों ने बताया कि पराली जलाकर नष्ट करने की बजाय उससे जैविक खाद बनाई जा सकती है। कृषि विज्ञान केंद्र, बगही एवं कृषि विभाग के संयुक्त तत्वावधान में वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ. सीपीएन गौतम ने सामयिक रबी की फसलें की बोआई तकनीक, पोषक प्रबंधन, सिंचाई एवं प्राकृतिक खेती पर जानकारी दी। वैज्ञानिक डॉ. देवेश कुमार ने बताया कि खरीफ फसल कटाई के बाद अवशेषों का उचित प्रबंधन मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने और पर्यावरण संरक्षण के लिए बेहद जरूरी है। संवाद