बखिरा। सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत ने किराया अदा नहीं करने के मामले में पुलिस चौकी बखिरा को तीन माह के भीतर खाली करने का आदेश दिया है। उन्होंने इसके लिए डीएम, एसपी और एसओ बखिरा से चौकी खाली कराने के लिए कहा है। इसके साथ ही 24 माह के बाकी किराए का भुगतान करने के लिए कहा है।
बाघनगर उर्फ बखिरा निवासी अनिल कुमार बरनवाल ने बताया कि उन्होंने कोर्ट में वाद दाखिल किया था। इसमें आरोप लगाया कि उसके मकान में पुलिस महकमे के लोग बतौर किराएदार के रूप में आबाद हैं। मकान की किराएदारी अंतिम बार 16 मई 1994 को प्रतिमाह 1,944 रुपये पांच वर्ष के लिए तय की गई थी। इस भवन में बखिरा थाना काबिज था। बाद में थाने का भवन निर्मित होने से इसमें पुलिस चौकी बखिरा कायम हुआ। अप्रैल 2006 से उसे किराया नहीं दिया गया। किराया मांगने पर थाना नंदौर रोड पर सरकारी भवन में शिफ्ट होने की बात कहकर किराया आवंटन नहीं होने का बहाना बनाया जाता रहा।
उनके मकान का उपयोग बखिरा पुलिस चौकी के रूप में किया जा रहा है। अप्रैल 2006 से मार्च 2008 तक उन्हें कोई भी किराया नहीं अदा किया गया। इस मामले की सुनवाई के क्रम में सिविल जज सीनियर डिवीजन ने कहा कि आदेश की तिथि से तीन माह के भीतर प्रश्नगत मकान को खाली करके कब्जा वादी को दे दिया जाए। अप्रैल 2006 से मार्च 2008 तक 1,944 रुपये की दर से बकाया किराया अदा किया जाए। वाद लंबित रहने की अवधि में क्षतिपूर्ति के बाबत 65 रुपये प्रतिदिन के दर से अदा किया जाए। एसओ बखिरा श्याम मोहन ने बताया कि कोर्ट के आदेश की प्रति अभी प्राप्त नहीं है। कोर्ट के आदेश का अनुपालन कराया जाएगा।